-नगर संवाददाता-
अम्बिकापुर,10 जून 2022(घटती-घटना)। कौन कहता है की प्रतिभा सिर्फ शहरों के बड़े-बड़े स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों में ही होती है। उल्टा जब गांव देहात के बच्चे अपनी प्रतिभा दिखाने पर आते हैं तो राष्ट्रीय क्या, अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपना नाम कर जाते हैं। उन्हें जरुरत होती है बस एक ऐसे दृढनिश्चय वाले मार्गदर्शक की जो की उनकी प्रतिभा को निखारने में अपना समय निवेश करने का इक्षुक हो।
पिछले नौ सालों में अपनी इसी इक्षाशक्ति की बदौलत अडाणी विद्यामंदिर ने सरगुजा ज़िले में शिक्षा के स्तर का पूरी तरह से कायापलट कर दिया है7 2013 से पहले संसाधनों के अभाव की वजह से यहाँ के बच्चे अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाते थे, जबकि आज वो पढ़ाई-लिखाई, खेल-कूद के साथ कई तरह की अतिरिक्त पाठ्यचर्चा जैसे साइंस और गणित ओलिंपियाड तथा राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतिस्पर्धाओं तक में जा कर पुरस्कार जीत चुके हैं। सरगुजा स्तिथ अडाणी विद्यामंदिर की नींव 2013 में मात्र 208 विद्यार्थियों के साथ रखी गयी थी। आज स्कूल में एलकेजी से कक्षा दसवीं तक कुल मिला कर 734 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल द्वारा बच्चों को यूनिफार्म, स्टडी मटेरियल और आवागमन के साथ मुफ्त भोजन की भी सुविधा प्रदान की जाती है। । जहाँ साल 2019 – 20 में स्कूल में 371 लड़के और 301 लड़कियों थी, साल 2020 – 21 में आंकड़ा बढ़ कर 412 और 321, क्रमश:, हो गया था7 पिछले साल – 2021 – 22, 432 लड़के और 350 लड़कियों यहाँ पढ़ाई कर रही थीं। पिछले साल कक्षा दसवीं में 35 बच्चों ने शत-प्रतिशत उत्तीर्णता के साथ पुरे छत्तीसगढ़ में एक रिकॉर्ड सा कायम कर दिया है। 92.2 प्रतिशत अंक के साथ नीलू यादव और रिंकू यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त पर थे। साथ ही स्कूल के बच्चों ने खेल के मैदान में भी समय समय पर अपना जौहर दिखाया है। कक्षा दस में पढ़ने वाली विजय यादव ने अभी हाल ही में स्टेट लेवल स्पोर्ट्स मीट में भाला फ़ेंक और ऊँची कूद में तृतीया स्थान प्राप्त किया है7 उनके आलावा अन्य विद्यार्थियों ने लम्बी कूद, 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर रेस में पदक जीता था। स्कूल के ही प्रांगण में स्तिथ उत्तम स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में बच्चों को वॉलीबाल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, क्रिकेट, फुटबॉल, सॉफ्ट बॉल, थ्रो बॉल, योगा और पारम्परिक स्पोर्ट्स जैसे की खोखो, कबड्डी इत्यादि की भी ट्रेनिंग दी जाती है। उल्ल्खनिय है की, 2019 – 20 में स्कूल की टीम ने नेशनल साइंस ओलिंपियाड में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। इस प्रतिस्पर्धा में कक्षा दस की नीलू यादव तथा रिंकू यादव ने दसवा और पच्चीसवां अंतर्राष्ट्रीय रैंक के साथ गोल्ड और सिल्वर मैडल, क्रमश: जीता था। कक्षा छ: की चांदनी यादव को प्रतियोगिता में उन्नीसवें स्थान के साथ गोल्ड मैडल जीता था। साथ ही साथ यहाँ विद्यार्थी नियमित तौर पर नेशनल साइंस ओलिंपियाड, इंटरनेशनल इंग्लिश ओलिंपियाड, इंटरनेशनल मैथ्स ओलिंपियाड में भी भाग लेते रहे हैं और अब पदक जीतना उनके लिए आम बात हो गयी है7
पढाई और खेल कूद के साथ साथ बच्चों को और कई तरह के सामाजिक सरोकार वाली कार्यक्रमों से भी वक़्त वक़्त पर वाकिफ़ करवाया जाता है। साल 2020 – 21 के अकादमिक सेशन के दौरान यहाँ के बच्चों को स्वच्छ भारत अभियान से ले कर वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने के लिए विशिस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। दूसरी तरफ अपने काम मिशन की तरह पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध अडाणी विद्यामंदिर के शिक्षक और बाकी स्टाफ भी दिन रात इसी कोशिश में लगे रहते हैं की उनके विद्यार्थी राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल, ज़िले तथा अपने अभिभावकों का नाम रौशन करते रहे। नौ सालों के अथक परिश्रम और निश्चय के साथ अडाणी विद्यामंदिर आज सरगुजा में सकारात्मक बदलाव का एक बहुत बड़ा कारण बन गया है। स्कूल से पास हुए विद्यार्थी आज कल देश के बड़े बड़े शैक्षणिक संस्थानों में आगे की पढाई पूरी कर रहे हैं। साथ ही स्कूल ने ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम के लिए आवेदन भी कर दिया है ताकि दसवीं के बाद बच्चों को किसी और स्कूल में दाखिला न लेना पड़े।
