अम्बिकापुर,28 मई 2022(घटती-घटना)। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष अंकुर जैन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि 25 मई 2022 छत्तीसगढ़ के संप्रदायिक सौहार्द्र का एक काला दिन था । सर्व आदिवासी सम्मेलन में हाई स्कूल मैदान, विधानसभा गुंडरदेही, जिला बालोद में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना का तथाकथित प्रदेशाध्यक्ष अमित बघेल द्वारा सभी हिन्दू समाज विशेषकर जैन समाज के लिए एक बहुत ही अभद्र टिप्पणी की है। जैन मुनि जो कि एक अहिंसा के प्रतीक हैं, जैन मुनि जो कि चलते-फिरते एक तीर्थ हैं, वह प्राणी मात्र के ऊपर करुणा का भाव रखते हैं, ऐसे जैन मुनि के ऊपर ऐसी निंदनीय टिप्पणी करना अमित बघेल की कुंठित मानसिकता को प्रदर्शित करता है और साथ ही साथ उनका यह भी कहना है कि वह नरबलि को प्रोत्साहित कर रहे हैं । क्या आप भारतीय संविधान का विरोध कर रहे हैं, भारतीय संविधान जिसके अंदर हम सभी आते हैं, प्रत्येक व्यक्ति जो भारत में रहता है वह भारत के संविधान के अंदर आता है। पर तथाकथित कुछ अमित बघेल जैसे लोग क्या भारत के संविधान को नहीं मानते, क्या भारतीय होने से बड़ा क्या परदेसिया होना हो गया । यह कुंठित मानसिकता के लोग हैं जो छत्तीसगढ़ के सोहद्र को बिगाडऩे का जो गंदा खेल अमित बघेल द्वारा खेला जा रहा है मैं उसका कड़ा विरोध करता हुँ।
