अम्बिकापुर,27 मई 2022(घटती-घटना)। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आर आर वी यू एन एल) ने छत्तीसगढ़ सरकार के समक्ष 100 बेड का आधुनिक सुविधाओं से लैश मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल बनाने का प्रस्ताव रखा है। भविष्य में और भी विकसित होने वाला यह अस्पताल सुरगुजा जिले के ग्रामीण क्षेत्र उदयपुर में खुलेगा ताकि स्थानीय लोगों को आपातकालीन स्थिति में जिला मुख्यालय अंबिकापुर तक जाने की नौबत ना आए और मरीज के लिए बेहद कीमती वक्त बच सके। इससे मरीज के परिजनों और सगे-सम्बन्धियों को भी लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। आरआरवीयूएनएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर आर के शर्मा ने इस विषय पर सुरगुजा कलेक्टर और छत्तीसगढ़ के चीफ सेक्रेटरी अमिताभ जैन के साथ भी इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में चर्चा की। यह उल्लेखनीय है कि राजस्थान के निगम आरआर वीयूएनएल को केंद्र सरकार ने सुरगुजा स्थित तीन खदान आवंटित की थी। राजस्थान अपनी तीनो खदानों को कार्यान्वित करके बिजली के लिए ईंधन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहा है। इसके फल स्वरूप छत्तीसगढ़ के पिछड़े हुए इलाको में हज़ारो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो रहा है जिसकी भविष्य में और भी बढ़ने की उम्मीद है। साथ हीं छत्तीसगढ़ राज्य को भी राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी जिससे सरकार अपनी लोक कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा दे सकेगी। आरआरवीयूएनएल अपने सामाजिक सरोकारों के अन्तर्गत विभिन्न विकासोन्मुखी कार्यक्रम पहले से ही खदान परियोजना के क्षेत्र में चला रहा है। जिनमें मुख्य रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण संरचना विकास के कई कार्यक्रम संचालित हैं। इसी कड़ी में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सौ बेड वाले अस्पताल की यह पहल क्षेत्र के ग्रामीणों को उनके स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से निजात दिलाने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
महत्वपूर्ण बात यह है की आरआरवीयूएनएल ने अस्पताल के लिए छत्तीसगढ़ से जमीन मांगी है। इससे यह तय है कि आरआरवीयूएनएल की खदानों से कोयला उत्पादन के बाद यह अस्पताल स्थानीय लोगों को सेवा देता रहेगा। पिछले महीने आरआरवीयूएनएल के अधीक्षण अभियंता श्री आर एस अग्रवाल ने सरगुजा जिले के कलेक्टर को पत्र लिखकर अस्पताल के निर्माण के लिए चार हेक्टेयर शासकीय भूमि के आवंटन का अनुरोध किया है। आरआरवीयूएनएल के द्वारा ग्राम गुमगा या उसके आसपास के क्षेत्र, जो आदेशित शर्तों के अंतर्गत कोयला परियोजना का भाग है, में जमीन आवंटित करने का अनुरोध किया गया है, जिससे अस्पताल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाकर आवश्यक सुविधाएं परियोजना प्रभावित स्थानीय लोगों को उपलब्ध करायी जा सके।
