
अम्बिकापुर 21 मई 2022 (घटती-घटना)। परसा कोल ब्लॉक के विरोध में शुक्रवार को हजारो ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नेशनल हाईवे 130 में चक्का जाम कर दिया। साथ ही रेलवे पटरी पर बैठकर राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश जाहिर की, इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेश के लोग भी आदिवासी ग्रामीणों के साथ आंदोलन में शामिल हुए। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के अनुमति मिलने के बाद परसा कोल ब्लॉक क्षेत्र के साल्ही, हरिहरपुर, जनार्दन पुर, फतेहपुर, मैं परसा कोल ब्लॉक के लिए लगभग लाखों पेड़ की कटाई होनी है। जिसकी शुरुआत भी हो चुकी थी और लगभग वन विभाग में 300 से अधिक पेड़ों को काट दिया था। वही ग्रामीणों के विरोध के बाद वन विभाग ने कटाई बंद किया है। जल जंगल जमीन को बचाने के लिए ग्रामीण पिछले 80 दिनों से धरना प्रदर्शन करते आ रहे है। जिसकी गूंज प्रदेश की राजधानी रायपुर से लेकर दिल्ली तक पहुंच गई है। फिर भी किसी प्रकार से जंगल को कटने से बचाने का कोई प्रयास नहीं दिख रहा है। जिस कारण ग्रामीण अब उग्र हो चुके हैं,, साल्ही, हरिहरपुर, जनार्दन पुर, फतेहपुर के ग्रामीणों ने आज हजारों की संख्या में एकत्र होकर रैली निकाल एनएच 130 जाम कर दिया साथी रेलवे पटरी पर भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया है।आदिवाशी ग्रामीणों के इस आंदोलन को अब छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने भी अपना समर्थन दे दिया है। साथ ही छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने भी ग्रामीणों के इस आंदोलन में शामिल होकर अपना समर्थन दिया, वही छत्तीसगढ़ प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेश से भी आदिवासी संगठन के लोग साल्ही पहुच आंदोलन में शामिल हुए।, इस दौरान आदिवासियों के जल जंगल जमीन को बचाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए जल जंगल जमीन को बचाने की मांग की है।
पुलिसकर्मी तैनात
विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही।, पुलिस विभाग ने लगभग 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इस आंदोलन को देखते हुए लगाई है।, उदयपुर एसडीएम ने बताया कि ग्रामीण परसा कोल ब्लॉक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग सरकार को भेजा जाएगा। बरहाल परसा कोल ब्लॉक को लेकर ग्रामीण उग्र है और यहा पर लगी आग प्रदेश की राजधानी रायपुर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली सहित विदेशो तक पहुंच गई है।