- क्या बाकी पुलिस थानों में बैठे थाना प्रभारी पाक-साफ हैं?
- क्या चिरमिरी पुलिस थाना प्रभारी अवैध कारोबार रोकने के लिए विधायक के पत्र का कर रहे थे इंतजार?
- क्या चिरमिरी थानेदार अवैध कारोबार रोकने के लिए विधायक के पत्र का कर रहे थे इंतजार?
- क्या विधायक यह नहीं जानते कि थाना प्रभारी के ही संरक्षण में हो रहा है अवैध कारोबार और उन्हीं को लिख रहे हैं पत्र?
- विधायक महोदय को इतना ही अवैध कारोबार रोकने की चिंता है तो पुलिस अधीक्षक को क्यों नहीं लिखा पत्र?
- गजब का दिमाग है विधायक जी के पास एक तीर से दो निशाना।
- क्या थाना प्रभारी को भी बचाना और अवैध कारोबार को भी रोकना?
- वाह रे निरंकुश प्रशासन,बेलगाम पुलिस, अपने ही शासन में विधायक को अवैध कार्यों को बंद कराने लगानी पड़ड़ी गुहार।
- क्या विधायक विनय जायसवाल कि नहीं सुन रहा थानेदार?
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 18 मई 2022(घटती-घटना)। मनेंद्रगढ़ विधानसभा का चिरमिरी व मनेंद्रगढ़ यह दोनों थाना अवैध कारोबार के लिए मशहूर पर एक ही थाना में अवैध कारोबार रोकना चाहते हैं विधायक क्यों? मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल ने चिरमिरी पुलिस थाने के थाना प्रभारी को इस आशय का पत्र सौंपा है कि चिरमिरी क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबारों पर थाना प्रभारी अंकुश लगाएं और चिरमिरी थाना क्षेत्र को अवैध धंधों से मुक्त कराएं।
मनेंद्रगढ विधायक द्वारा चिरमिरी पुलिस थाना प्रभारी को लिखे गए पत्र से अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या चिरमिरी में सच मे विधायक भी मानने लगे हैं कि अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है और विधायक चाहते हैं कि अवैध कारोबार बंद हों इसलिए उन्हें थाना प्रभारी को पत्र लिखना पड़ रहा है? वहीं विधायक द्वारा चिरमिरी थाना प्रभारी को लिखे गए पत्र से एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि आखिर कितने बड़े पैमाने पर चिरमिरी में अवैध कारोबार चल रहा है जो स्वयं विधायक को थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इसे रोकने की सिफारिश करनी पड़ रही है? जबकि विधायक चाहते तो केवल मौखिक कहकर भी अवैध कारोबार बंद करा सकते थे।विधायक के द्वारा थाना प्रभारी को पत्र लिखने से एक बात तय हो गई है और वह यह कि या तो विधायक ने पत्र मौखिक रूप से कहने के बाद भी अवैध कारोबार बंद नहीं होने की वजह से लिखा है और पत्र लिखकर थाना प्रभारी को चेताया है सार्वजनिक रूप से की अब कम से कम अवैध कारोबार बंद करवाया जाए या फिर इसकी एक वजह यह हो सकती है कि विधायक थाना प्रभारी को चिरमिरी से अन्यत्र जाने नहीं देना चाहते हैं और उनपर मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान कोई गाज न गिरे इसलिए उन्हें ही पत्र लिखकर उनसे अवैध कारोबार रोकने की अपील कर रहें हैं जिससे यह संदेश चला जाये कि विधायक व थाना प्रभारी के बीच के संबंध बेहतर हैं और दोनों मिलकर अवैध कारोबार रोकने संकल्पित हैं।
मनेंद्रगढ विधायक के पुलिस थाना प्रभारी चिरमिरी को लिखे पत्र से एक सवाल यह भी उठ खड़ा हुआ है कि क्या मनेंद्रगढ़ विधानसभा में एक ही पुलिस थाना है और वहीं मात्र अवैध कारोबार चल रहा है अन्य पुलिस थानों में अवैध कारोबार बंद है जबकि यदि जानकारों और प्रतिदिन की खबरों पर नजर डाली जाए तो सभी जगह अवैध कारोबार की खबरें प्रकाशित होती मिल जाएंगी। विधायक ने चिरमिरी थाना प्रभारी को अवैध कारोबार रोकने के लिए पत्र लिखकर कई और सवाल खड़ा कर दिये हैं जैसे चिरमिरी में नगर पुलिस अधीक्षक भी नियुक्त हैं विधायक चाहते उन्हें पत्र लिखते जो कि विधायक के कद के हिसाब से सही होता, वहीं विधायक चाहते तो जिले के पुलिस अधीक्षक या पुलिस विभाग की तरफ से नवीन जिले एमसीबी के लिए नियुक्त पुलिस अधिकारी को पत्र लिखकर अवैध कारोबार पर पूरे विधानसभा में अंकुश लगाने की सिफारिश करते। विधायक ने थाना प्रभारी को पत्र लिखा जिससे स्पष्ट हो गया कि बात अवैध कार्यों को रोकने की बजाए कुछ और ही है और थाना प्रभारी को बचाये रखना इसका मूल उद्देश्य है।
हर प्रकार का अवैध कारोबार
मनेंद्रगढ विधानसभा में ही पुलिस थाना मनेंद्रगढ भी है जहां भी अवैध कई कारोबार संचालित हैं और जिसकी लगातार खबरे भी प्रकाशित होती रहीं हैं लेकिन विधायक जी ने कभी मनेंद्रगढ़ के थाना प्रभारी को पत्र लिखकर यह नहीं कहा कि वहां के अवैध कारोबार बंद किये जायें सभी पर अंकुश लगाया जाये। विधायक जी के पत्र को लेकर यह भी चर्चा है कि हो सकता है कि विधायक जी चिरमिरी में जारी अवैध सट्टा सहित जुआ फडों पर कार्यवाही चाहते हैं। चिरमिरी क्षेत्र में अवैध सट्टा व जुआ का करोबार सफेदपोश लोगों द्वारा ही किया जा रहा है। वैसे विधायक जी के पत्र से एकबात का और खुलासा होता है वह यह कि जिले की पुलिस इतनी निरंकुश हो गई है कि विधायकों को थाना प्रभारियों से पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग करनी पड़ रही है वह भी सत्ताधारी दल के विधायक को वह भी राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त विधायक को।
पुलिस इतनी निरंकुश क्यों?
यदि पुलिस इतनी निरंकुश हो गई है और विधायक को पत्र लिखकर अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मांग थाना प्रभारी से करनी पड़ रही है तो यह लोकतंत्र के लिए भी बेहतर संदेश नहीं है क्योंकि विधायक के आदेश मात्र पर जो कार्यवाही उनके क्षेत्र में हो सकता है उसके लिए थाना प्रभारी पत्र स्वीकार कर रहें हैं वहीं प्रोटोकॉल के हिसाब से भी विधायक का थाना प्रभारी को अवैध कारोबार रोकने के लिए पत्र लिखना सही नहीं कहा जा सकता विधायक के निर्देश मौखिक मात्र पर ही यह कार्यवाही होनी चाहिए थी। अब चिरमिरी थाना प्रभारी के क्षेत्र में अवैध कारोबार रुकता है कि नहीं यह भी देखने वाली बात होगी क्योंकि विधायक के पत्र लिखने के बाद भी यदि एक भी कारोबार संचालित होता है और उसकी खबर प्रकाशित होती है तो यह विधायक की छवि खराब करने जैसी होगी। अवैध कोयला उत्खनन परिवहन सहित जो भी अवैध कारोबार चिरमिरी में जारी है उसे थाना प्रभारी कितनी जल्द बंद करा पाते हैं यह भी देखने वाली बात होगी। अब एक भी अवैध कारोबार की खबर चिरमिरी पुलिस की निरंकुशता होगी यह भी कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी।
विपक्ष ने भी सोशल
मीडिया पर विधायक जी पर किया हमला
वैसे पूरे मामले पर जो विधायक जी के द्वारा थाना प्रभारी पुलिस थाना चिरमिरी को लिखे गए अवैध कार्यों को रोकने के संदर्भ में पत्र से जुड़ा हुआ है उसपर विपक्ष ने भी सोशल मीडिया पर विधायक जी पर हमला करते हुए लिखा है कि साढ़े तीन साल तक सभी कुछ वैध था अब अवैध हो गया सभी कुछ, विपक्ष के इस हमले को लेकर विधायक के एक खास समर्थक ने विपक्ष के लोगों को जवाब देने की कोशिश भी की है लेकिन उनके जवाब से विपक्ष सन्तुष्ट नजर नहीं आ रहा है और वह यही पूछ रहा है लगातार की मामला कुछ और है और इसीलिए विधायक जी ने एक थाना प्रभारी को पत्र लिखने की जहमत उठाई है। विधायक समर्थक लगभग सोशल मीडिया पर निरुत्तर ही नजर आए हैं और पत्र क्यों लिखा गया इसको लेकर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाएं हैं क्योंकि थाना प्रभारी को विधायक खासकर राज्यमंत्री पत्र लिखकर अवैध कारोबार रोकने का निवेदन करेंगे तो सवाल खड़ा जरूर होगा और सवाल खड़ा भी हो ही रहा है।
क्या मुख्यमंत्री को सब कुछ बेहतर दिखाने की रणनीति है?
मनेंद्रगढ विधायक अब मनेंद्रगढ, पोड़ी सहित अन्य पुलिस चौकियों के प्रभारियों को अवैध कारोबार रोकने कब पत्र लिखेंगे यह भी लोगों का सवाल है क्योंकि अब पत्र लिखने के बाद ही अवैध कारोबार रुक सकेगा यह विधायक जी के चिरमिरी थाना प्रभारी को लिखे गए पत्र के बाद से स्पस्ट हो गया है। वैसे जारी मशक्कत मुख्यमंत्री के जिले आगमन और अपने अपने विधानसभा में मुख्यमंत्री को सभी कुछ बेहतर दिखाने के लिए की जा रही है यह भी दबी जबान से लोगों का कहना है क्योंकि चिरमिरी सहित मनेंद्रगढ में अवैध कारोबारों को लेकर सवाल खड़े होते आये हैं और आज तक पुलिस प्रशासन इसको लेकर गंभीर नहीं दिखा है यह भी सभी की जानकारी में है। वैसे विधायक जी के पत्र से कई और सवाल उठेंगे और जवाब भी जनता ही देगी लेकिन दबी जबान से।