नई दिल्ली@अस΄तुष्टो΄ को मनाने की चि΄तन शिविर मे΄ कोशिश

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म΄जूर की नाराज नेताओ΄ की यह है प्रमुख मा΄ग, लेकिन आखिरी फैसला
नई दिल्ली, 15 मई 2022
। उदयपुर मे΄ चल रहे का΄ग्रेस के चि΄तन शिविर मे΄ पार्टी के नाराज नेताओ΄ की एक प्रमुख मा΄ग को स्वीकार कर लिया गया है। इन अस΄तुष्ट नेताओ΄ ने का΄ग्रेस स΄सदीय बोर्ड के गठन की मा΄ग की थी जिसे पार्टी ने सुझाव के रूप मे΄ स्वीकार कर लिया है। अब इस मुद्दे पर का΄ग्रेस कार्यसमिति की म΄जूरी की जरूरत है, जो पार्टी मे΄ सर्वोच्च निर्णय लेने वाली स΄स्था है। इससे पहले सभी समितियो΄ के कॉर्डिनेटर्स पार्टी अध्यक्ष सोनिया गा΄धी को अपनी रिपोर्ट सौ΄प चुके है΄।
पार्टी के एक नेता ने कहा, “का΄ग्रेस स΄सदीय बोर्ड को पुनर्जीवित करने की अस΄तुष्ट धड़े की मा΄ग सीडल्यूसी द्वारा स्वीकार किए जाने की स΄भावना कम ही है, यो΄कि इसे का΄ग्रेस अध्यक्ष की शक्तियो΄ को कम करने के रूप मे΄ देखा जा रहा है.”
स΄सदीय बोर्ड, जिसका त΄त्र का΄ग्रेस के स΄विधान मे΄ निहित है, इसे पी वी नरसिम्हा राव के प्रधान म΄त्री के रूप मे΄ कार्यभार स΄भालने के बाद भ΄ग कर दिया गया था। तब से इसे पुनर्जीवित नही΄ किया गया है।
का΄ग्रेस का स΄विधान कहता है, “कार्य समिति एक स΄सदीय बोर्ड का गठन करेगी जिसमे΄ का΄ग्रेस अध्यक्ष और नौ अन्य सदस्य हो΄गे, जिनमे΄ से एक स΄सद मे΄ का΄ग्रेस पार्टी का नेता होगा। का΄ग्रेस विधानम΄डल दलो΄ की स΄सदीय गतिविधियो΄ को विनियमित करने और समन्वय करने के उद्देश्य से बोर्ड का΄ग्रेस अध्यक्ष के साथ समन्वय कर नियम तैयार करेगा।”
उम्मीदवारो΄ के चयन मे΄ अहम भूमिका
अगर का΄ग्रेस स΄सदीय बोर्ड का गठन करती है तो वह लोकसभा और विधानसभा चुनावो΄ के लिए उम्मीदवारो΄ के चयन मे΄ अहम भूमिका निभाएगी। फिलहाल यह काम पार्टी की चुनाव समिति कर रही है।
का΄ग्रेस मे΄ अस΄तुष्ट नेताओ΄ का धड़ा, जिसे जी-23 भी कहा जाता है, निर्णय लेने को और अधिक समावेशी बनाने के लिए स΄सदीय बोर्ड प्रणाली के पुनरुद्धार पर जोर दता रहा है। सूत्रो΄ ने कहा कि गा΄धी के वफादार इस प्रस्ताव को अनुमति नही΄ देने के लिए प्रतिबद्ध है΄, जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो गई है।
पार्टी के समक्ष कई है΄ सुझाव
सीडल्यूसी उदयपुर मे΄ तीन दिवसीय का΄ग्रेस सम्मेलन के दौरान दिए गए कई अन्य सुझावो΄ पर भी विचार करेगी, जहा΄ शीर्ष नेताओ΄ ने चर्चा कर पार्टी मे΄ सुधार और आगामी चुनावी रणनीतियो΄ के लिए तैयार किया है। उन प्रस्तावो΄ मे΄ “एक व्यक्ति एक पद”, “एक परिवार एक टिकट”, 50 साल से कम उम्र के लोगो΄ के लिए 50 फीसदी सीटे΄ आरक्षित करने, एससी, एसटी ओबीसी और पार्टी मे΄ महिलाओ΄ को 50त्न आरक्षण देने और राज्य एव΄ क्षेत्रीय स्तर पर समान विचारधारा वाली पार्टियो΄ और गैर भाजपा दलो΄ के साथ गठब΄धन करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा समिति ने बीजेपी के हिन्दुत्व काट के लिए विभिन्न सामाजिक एव΄ धार्मिक स΄गठनो΄ तक पहु΄च बढ़ाने की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि इससे पार्टी को उन समुदायो΄ से जोडऩे मे΄ मदद मिलेगी।


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