अम्बिकापुर, 10 मई 2022(घटती-घटना)। वर्ष 2016 में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई थी। इसके बाद पहला एमबीबीएस बैच वर्ष 2016-17 के छात्रों द्वारा इंटर्नशिप किया जा रहा था। ये छात्र मरीजों की सेवा में एक वर्ष के इंटर्नशिप अवधि में दिन रात कार्य कर रहे थे। अपने कर्तव्यों को अविस्मरणीय बनाते हुए इंटर्नशिप के अंतिम दिन 55 यूनिट रक्तदान कर मानव सेवा का अद्भुत उदाहरण पेश किया। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. रमनेश मूर्ति ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर से पास आउट हुए पहले बैच के प्रशिक्षण प्राप्त कर 94 छात्र एमबीबीएस चिकित्सक मिलेंगे। यह अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए गौरव की बात है। वहीं मेडिकल कॉलेज में 15 विभागों में पीजी के लिए प्रयास जारी है। अब तक 7 विभागों के लिए एनएमसी की टीम द्वारा निरीक्षण किया जा चुका है। शेष 8 टीमों का निरीक्षण अभी बाकी है। पासआउट होने के बाद प्रथम बैच के एमबीबीएस चिकित्सकों को पीजी का सीधा फायदा मिलेगा। वहीं बुधवार को इंटर्नशिप पूर्ण करने के बाद एमबीबीएस के छात्रों द्वारा रक्तदान करने पर उनके बीच विशेष उत्साह देखा गया। इस दौरान मुख्य रूप से डीन के अलावा मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी विभाग डॉ. आरसी आर्य, डॉ. विकास पांडेय एवं अन्य वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षक उपस्थित रहे।
