कोरबा@एसईसीएल मुड़ापार हॉस्पिटल की दीवार गिरने से ठेकेदार एवं अधिकारी के कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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-राजा मुखर्जी-
कोरबा 08 मई 2022 (घटती-घटना)। एसईसीएल कोरबा के द्वारा हर वर्ष मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपया के फंड जारी किया जाता है,लेकिन ठेकेदार व अधिकारी के मिलीभगत से गुणवत्ताहीन कार्य कराया जाता है, ताकि ठेकेदार से मोटी रकम मिल सके। सूत्रों की माने तो इस क्षेत्र में कई तथाकथित दलाल है, जो मीडियाकर्मियों को मैनेज करने के नाम से लाखों रुपया अधिकारी व ठेकेदार से समय-समय पर लेते रहते है। अगर कोई मीडिया वाले यहां खबर बनाने पहुंच जाता है, तो उसे खबर नहीं चलाने के नाम पर ऑफर तक दे डालते है,नही तो फिर अपने आका के नाम लेकर अपने नेता के ऊंची पहुंच का हवाला देते है, ताकि डराया जा सके, वहीं एसईसीएल के अधिकारी अगर एसईसीएल क्षेत्र में कुछ भी घटनाएं घटती हैं,तो अधिकारी न तो मीडिया से बात करते है और न ही कुछ जानकारी देते है, ऐसे में सवाल उठता है कि, एसईसीएल के अधिकारी मामला को दबाने का प्रयास क्यों करते है ढ्ढ मामला एसईसीएल मुड़ापार हॉस्पिटल से संबंधित है ढ्ढ सुबह लगभग 7 बजे हॉस्पिटल का दीवार भरभरा कर गिर गया। वही घटना की जानकारी होने के बाद मीडियाकर्मी वहा पहुंचे,और अधिकारी से पक्ष जानने की कोशिश की, पर अधिकारी ने बात करने से मना कर दिया। उसके बाद तथाकथित एक दलाल ने अपने पहुंच का हवाला देते हुए खबर नहीं लगाने को कहा,अगर कुछ जरूरत है तो बताओ मैं मैनेज करवा दूंगा। वही लोगों ने बताया कि हॉस्पिटल के लिए बने दीवार भरभरा कर गिर जाने से एक स्विफ्ट डिजायर कार को काफी नुकसान हुआ ढ्ढ अब सवाल उठना लाजमी है के, ऐसे भ्रष्ट ठेकेदार एवं अधिकारी के खिलाफ एसईसीएल के आला अधिकारी आखिर क्यों कार्यवाही नहीं करते है।


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