मरीज को परिजनों द्वारा चिकित्सालय से बाहर ले जाने के मामले पर ड्यूटी चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी। जिला चिकित्सालय में मरीज को समस्त चिकित्सकीय सुविधा देते हुए इलाज जारी
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 07 मई 2022 (घटती-घटना)। दैनिक घटती-घटना की खबर पर दिखा बड़ा असर मरीज को परिजनों द्वारा चिकित्सालय से बाहर ले जाने के मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर सिविल सर्जन द्वारा इस दौरान निर्धारित ड्यूटी चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और जिला चिकित्सालय में मरीज को भर्ती कर समस्त चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराते हुए इलाज किया जा रहा है।
ज्ञात हो की कोरिया जिले में कुछ दिन पहलं मुख्यमंत्री के हाथो 50 लाख के नये सर्वसुविधा युक्त जिला अस्पताल की सौगात मिली है वहीं कुछ दिन बाद 6 मई को बैकुण्ठपुर जिला अस्पताल का एक विडियो वायरल हुआ जो एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल कर रख दी ऐसे में छत्तीसगढ़ के काका, सरगुजा के बाबा और कोरिया की दीदी के रहते हुये इस प्रकार का दृश्य दिखना सरकार के लिये शर्म की बात है। वायरल विडियो का सच यह है कि एक मरीज जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर में 6 मई को सुबह ईलाज के लिये आया पर डॉक्टर नहीं होने की वजह से मरीज व उसके परिजन सुबह से लेकर शाम तक इंतजार करते रहे आखिरकार मरीज की हालत देखते हुये अस्पताल के स्टाप के कहने पर अस्पताल से डॉक्टर के घर दूरी करीब 300 मीटर का सफर कर मरीज को स्ट्रैचर में लिटाकर डॉक्टर के घर तक जाना पड़ा पर वहां पर भी उसका उपचार नहीं हुआ, डॉक्टर ने उसे यह कहते हुये वापस भेजा की आप अस्पताल जाईये जिस डॉक्टर की ड्यूटी है वह आकर देखेगा। अस्पताल से मरीज को डॉक्टर के घर ले जाने के दौरान उसका विडिया बनाया गया और उस विडियों को सोशल मिडिया पर वायरल कर मौजुदा मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व स्थानीय विधायक के के लिये यह विडियो शर्मनाक बताया जा रहा है। जिस खबर को दैनिक घटती-घटना ने 7 मई के अंक में बड़ी प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जिसके बाद प्रशासन सकते में आकर संबंधित को कारण बताओ नोटिस जारी किया और वही मरीज का इलाज शुरू हो गया।
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि बीते दिवस हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल मरीज कन्हैया लाल को कल ही जिला चिकित्सालय में भर्ती कर लिया गया और इलाज शुरू कर दिया गया। मरीज के इलाज की जानकारी परिजनों की दी गयी है। मरीज का इलाज किया जा रहा है जिससे परिजनों को भी सहूलियत हुई है। उल्लेखनीय है कि घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने सिविल सर्जन को निर्देश दिए। इस संबंध में सिविल सर्जन द्वारा इस दौरान आपातकालीन चिकित्सा ड्यूटी हेतु निर्धारित मेडिकल ऑफिसर डॉ वासिक असदक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और नोटिस में 24 घण्टे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है।