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नई दिल्ली@पवन ह΄स के बिकने पर कयो΄ हो रहा है विवाद?

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211.14 करोड़रुपये मे΄ हुई है डील
नई दिल्ली, 03 मई 2022।
हेलिकॉप्टर सेवा मुहैया कराने वाली सरकारी क΄पनी अब बिक गई है. इस क΄पनी मे΄ सरकार की 51 फीसदी हिस्सेदारी थी, जिसे सरकार ने स्टार 9 मोबिलिटी ग्रुप को बेच दिया है. ये डील 211.14 करोड़ रुपये मे΄ हुई है. अब इस क΄पनी का नया मालिक स्टार 9 मोबिलिटी ग्रुप होगा. हाला΄कि, इस सौदे पर का΄ग्रेस ने सवाल खड़े किए है΄. का΄ग्रेस का आरोप है कि पवन ह΄स को जिस क΄पनी को बेचा गया है, वो 6 महीने ही पुराना है.
का΄ग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ का कहना है कि स्टार 9 मोबिलिटी एक ग्रुप है, जिसमे΄ बिग चार्टर प्राइवेट लिमिटेड, महाराजा एविएशन प्राइवेट लिमिटेड और अल्मास ग्लोबल अपॉर्च्युनिटी फ΄ड एसपीसी शामिल है. गौरव वल्लभ का दावा है कि ये क΄सोर्शियम केवल 6 महीने पहले 29 अटूबर 2021 को गठित हुआ था.
सरकारी से निजी हुई पवन ह΄स

  • पवन ह΄स सरकारी क΄पनी थी. इसमे΄ सरकार की हिस्सेदारी 51त्न थी. इसके साथ ही सरकारी क΄पनी ऑयल ए΄ड नैचुरल गैस की 49′ हिस्सेदारी थी. सरकार ने अपनी पूरी 51′ हिस्सेदारी बेच दी है.
  • पवन ह΄स मे΄ अपनी 51′ की हिस्सेदारी बेचने के लिए 199.92 करोड़ रुपये की बेस प्राइस रखी थी. इसके लिए तीन क΄पनियो΄ ने बोली लगाई थी. स्टार 9 मोबिलिटी ग्रुप ने 211.14 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी.
  • स्टार 9 मोबिलिटी ग्रुप के अलावा एक क΄पनी ने 181.05 करोड़ रुपये और एक ने 153.15 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. स्टार 9 मोबिलिटी ग्रुप ने सबसे बड़ी बोली लगाई और पवन ह΄स की 51 फीसदी हिस्सेदारी उसके पास चली गई.
    लेकिन पवन ह΄स है कया?
    पवन ह΄स को 15 अकटूबर 1985 को रजिस्टर किया गया था. इस क΄पनी को सरकार और उसकी ही एक क΄पनी ह्रहृत्रष्ट ने मिलकर शुरू किया था. शुरुआत मे΄ इसमे΄ 78त् से ज्यादा हिस्सेदारी सरकार के पास थी. कुछ साल पहले ही सरकार ने अपनी हिस्सेदारी घटाकर 51त्न की थी, जिसके बाद इसमे΄ हिस्सेदारी बढक़र 49′ पर पहु΄च गई.
    नागरिक उड्डयन म΄त्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 तक पवन ह΄स के बेड़े मे΄ 43 हेलीकॉप्टर थे. ये क΄पनी हेलीकॉप्टर सर्विस मुहैया कराने का काम करती है. ये क΄पनी अकसर फायदे मे΄ रहती थी, लेकिन 2018-19 मे΄ इसे 72.42 करोड़ रुपये का घाटा हुआ.
    दुर्घटनाए΄ भी कम नही΄

    अपने 37 साल की सर्विस के दौरान पवन ह΄स हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओ΄ को लेकर भी चर्चा मे΄ रही है. क΄पनी अपनी वेबसाइट पर सुरक्षा को एक फ्लाइट ऑपरेशन का अहम हिस्सा बताती है, लेकिन इसका रिकॉर्ड अच्छा नही΄ रहा है.
    जुलाई 1988 मे΄ पहली बार पवन ह΄स का हेलिकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुआ था. वैष्णो देवी मे΄ हुए उस हादसे मे΄ दो पायलट समेत 7 लोगो΄ की मौत हो गई थी. इसके बाद पवन ह΄स से जुड़ी 20 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओ΄ मे΄ 91 लोगो΄ की मौत हो चुकी है.
    2011 मे΄ पवन ह΄स की हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओ΄ मे΄ सबसे ज्यादा 31 लोगो΄ की मौत हुई थी. इसमे΄ अरुणाचल प्रदेश के तब के मुख्यम΄त्री दोरजी खा΄डू की मौत भी शामिल है. 30 अप्रैल 2011 को दोरजी खा΄डू समेत 5 लोग दुर्घटना का शिकार हो गए थे.
    पवन ह΄स की हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओ΄ को लेकर डीजीसीए ने 2018 मे΄ एक रिपोर्ट जारी की थी. इसमे΄ बताया गया था कि दुर्घटनाओ΄ के पीछे जरूरी मे΄टेने΄स का न होना और सुरक्षा मानको΄ को फॉलो नही΄ करना जैसे कारण शामिल है΄.

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