-पृथ्वीलाल केशरी-
रामानुजगंज 01 मई 2022 (घटती घटना)। बलरामपुर रामानुजगंज जिले में लगभग हर शासकीय योजनाओं पर दबंगों का दखल जारी है जिसका ताजा उदाहरण जेल रोड में देखने को मिला है जहां लोग दूसरों को पानी पिलाने के लिए जगह जगह क्या हुआ नदी लग जाते हैं वही एक दबंग ने सरकारी हैंडपंप पर कब्जा कर लोगों को स्वच्छ पानी के लिए मोहताज कर दिया है। कब्जा करने वाले का शायद यही मानना है कि हैंडपंप भले ही सरकारी हो लेकिन कब्जा उसका ही रहेगा।
रामानुजगंज नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 04 जेल रोड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के ठीक सामने दबंगों ने शासकीय हैंडपंप पर अपना कब्जा जमाते हुए उसमें समर्सिबल पंप डालकर अपनी निजी कार्यों के लिए पानी का उपयोग कर रहे हैं जिसके कारण उस जगह से निस्तार के लिए पानी लेने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसे दबंग की दबंगाई कहें या फिर विभाग की मिलीभगत, जो सार्वजनिक संपत्ति पर इस कदर कब्जा कर रहा है। यह मामला तो नगर पंचायत क्षेत्र रामानुजगंज का है ग्रामीण क्षेत्रों में क्या हाल होगा इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है।
मुख्य सचिव के आदेश की भी हो रही अवहेलना
उक्त मामले में नगर पंचायत उपाध्यक्ष बजरंग गुप्ता का कहना है कि 09 अप्रेल 2022 को प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने मंत्रालय महानदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यत: कलेक्टरों से कहा था कि गर्मी के मौसम में लगातार पेयजल आपूर्ति होती रहे,ऐसी व्यवस्था की जाए। उन्होंने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए थे। वहीं उन्होंने यह भी कहा था कि पेयजल स्त्रोतों के आस-पास साफ-सफाई एवं शुद्धिकरण के लिए सभी जरूरी कार्य किए जाएं। सभी क्षेत्रों में हैण्डपंप,नलकूप,नल-जल एवं जल आर्वधन योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग हो, जहां पर मरम्मत, दुरूस्तीकरण की जरूरत हो उसे तत्काल ठीक किया जाए। इसके लिए सभी क्षेत्रों में टीमों का गठन कर उन्हें सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने के निर्देश ग्रामीण एवं पंचायत विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को दिए गए थे। मुख्य सचिव ने नगरीय प्रशासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा। उन्होंने ग्रीष्म ऋतु में हीटवेव, जल संकट से निपटने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद भी संबंधित विभाग के अधिकारी इस कदर लापरवाह है कि बिगड़े हैंडपंप को बनाना तो दूर दबंगों द्वारा कब्जा किए गए हैंडपंपों को भी मुक्त नहीं करा पा रहे हैं इसे प्रशासनिक लापरवाही कहां जा सकता है जिसके कारण आम जनता को छत्तीसगढ़ शासन के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित करने का कार्य किया जा रहा है।

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