मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल निर्माण के लिए वर्चुअल भूमि पूजन 29 अप्रैल को।
क्या भवन बनने से मिलेगी राहत या फिर भवन के अंदर होंगी सारी सुविधाएं?
क्या भवन बनने की उपलब्धि ही स्वास्थ सुविधा को करेगी बेहतर या फिर भवन के साथ स्वास्थ सुविधा भी होगी बेहतर।
वर्तमान जिला अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं भी सुचारू रूप से नहीं पूरी संचालित।
200 बेड का होगा नया जिला अस्पताल 50 बेड मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट का होगा काम शुरू।
10.5 एकड़ जमीन पर नया भवन परिसर का होगा निर्माण।
–रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 27 अप्रैल 2022 (घटती-घटना)।संसदीय सचिव एवं विधायक बैकुंठपुर अंबिका सिंहदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरिया वासियों को जानकारी दिया कि 29 अप्रैल 2022 को यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा मल्टीस्पेशलिटी जिला हॉस्पिटल एवं एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड) अस्पताल दोनो का वर्चुअल भूमि पूजन किया जाएगा। जिसके बाद जल्द निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा लगभग 50 करोड़ लागत से बनने जा रही है हॉस्पिटल। 29 अप्रैल 2022 तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएंगा यह क्षेत्र और पूरे जिले के लिए अब तक का सबसे बड़ा सौगात होगा। कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है की भव्य सर्व सुविधा युक्त अस्पताल का निर्माण हमारे जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर में होने जा रहा है।
ज्ञात हो की केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से जिले में लगातार स्वास्थ सुविधा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, इसके लिए प्रशासन के पहल पर कंचनपुर पंचायत में जिला अस्पताल के लिए नए भवन बनने जा रहा है जिसका भूमि पूजन 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किया जाएगा, यह अस्पताल 200 बेड क्षमता वाला होगा, भवन के लिए डीएमएफ से राशि की मंजूरी मिल चुकी है 50 करोड़ की लागत से जिला अस्पताल भवन व मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट का वर्चुअल भूमि पूजन किया जाएगा, क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद जिला अस्पताल के लिए नए भवन का निर्माण शुरू होने जा रहा है, इसके लिए सीजीएमएससी की ओर से वर्कआर्डर जारी हो गया है, जल्द ही भूमि पूजन के साथ निर्माण शुरू होगा। कंचनपुर में जिला अस्पताल बनने के लिए प्रशासन ने डेढ़ साल पहले सीएमएचओ कार्यालय के पास जमीन चिन्हित की थी और अब अस्पताल के नए भवन को लेकर टेंडर प्रक्रिया के साथ वर्कआर्डर जारी किया गया है खास बात यह है कि कंचनपुर में जिला अस्पताल बनने से मेडिकल हब के रूप में विकसित होगा जिला अस्पताल परिसर तीन मंजिल वाला बनाया जाएगा।
क्या भवन बनने से सुविधाएं
क्या सिर्फ नया भवन बनने से इलाज बेहतर होगा यह बहुत बड़ा सवाल है? क्योंकि अभी तक की स्थिति में जिला अस्पताल उतना भी छोटा नहीं है कि लोगों को बेहतर इलाज ना मिल सके पर बेहतर इलाज मिलता नहीं दिख रहा है जिसके पीछे के कारण भी एक नहीं अनेक है डॉक्टरों की कमी, संसाधन होने के बावजूद भी संसाधनों का संचालन नहीं होना के साथ अव्यवस्था व राजनीति स्वास्थ व्यवस्था को बेहतर होने नहीं दे रही, अब ऐसे में सवाल यह भी उठता है की 50 करोड़ खर्च कर नया भवन बन भी जाए तो क्या उसके अंदर वह सुविधा होंगी जिसकी जरूरत आज है या फिर भवन बनने की वाह वाही ही होती रहेगी।
मरीजों को मिलेगी
बड़ी राहत
नए जिला अस्पताल में प्रसूता महिलाओं के लिए निशुल्क प्रसव कक्ष, एसएनसीयू, आईसीयू, एनआरसी, आइसोलेशन वार्ड, ब्लड बैंक, सोनोग्राफी, एक्स-रे, लैब, ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट, सीटी स्कैन, कीमोथेरेपी, एलाइजा टेस्ट, सीबीसी मशीन, थायराइड टेस्ट, समेत आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जबकि इससे पहले के जिला अस्पताल में आधा से ज्यादा सुविधा उपलब्ध है पर सुचारू रूप से संचालन नहीं हो रहा 100 बेड की सुविधा भी थी फिर भी बेहतर इलाज नहीं हो रहा था, अब 200 बेड का जिला अस्पताल इन सारी सुविधाओं के साथ शुरू होगा, पर क्या सारी सुविधाएं भी शुरू रहेगी, डाक्टर उपलब्ध रहें इसे लेकर चिंता आज भी है अब तो समय बताएगा कि स्वास्थ सुविधा के लिए बेहतर क्या है।
