- गठित किए तीन सदस्यों की एक टीम
- भुवनेश यादव के महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव बनने के ढेड़ महीने में ही कार्यवाही शुरू।
- तात्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज, निलंबित पर्यवेक्षक अफरोज व माहेश्वरी के उपर कार्यवाही जांच दलों के आने के बाद।
- पूर्व सचिवों के कार्यप्रणाली से शिकायतकर्ता में नाराजगी, तीन सालों से प्रकरण को जानबूझकर रखा ठंडे बस्ते में।
- शिकायतकर्ता अब भी अपने काले झण्डे दिखाने के निर्णय पर है अडिग़।
- दल में भारतीय प्रशासनिक सेवा के संयुक्त सचिव पीएस ध्रुव होंगें दल प्रमुख।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 24 अप्रैल 2022 (घटती-घटना)। महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी भवन पोताई में बरती गई अनियमितता और आंगनबाड़ी केंद्र गिद्धडांड में गलत तरीके से की गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति में मनेन्द्रगढ़ परियोजना मामला हाई प्रोफाइल होता जा रहा, किसी ने भी ना सोचा था और ना ही उसका आंकलन किया था। सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग भुवनेश यादव के द्वारा शिकायतकर्ता अभिनव पी द्विवेदी के पूर्व में किए गए सभी शिकायतों पर तीन सदस्यीय दलों का गठन कर दिया गया है। गठित दल में महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त सचिव पीएस ध्रुव, संयुक्त संचालक डीएस मराबी एंव संयुक्त संचालक भावेश दुबे को शामिल किया गया है।
सचिव भुवनेश यादव पदभार ग्रहण करते ही जाँच कार्यवाही आरंभ की
महिला एवं बाल विकास विभाग में पूर्व में पदस्थ रहे सचिवों के कार्यप्रणाली और पूर्व में किए जा रहे शिकायतों पर कार्यवाही ना होना और दोषियों को बचाने से शिकायतकर्ता की शासन प्रशासन से नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि शिकायतकर्ता का शासन से मानो भरोसा ही उठ गया, जिस कारण से शिकायतकर्ता को ऐसा कड़ा कदम उठाने को विवश होना पड़ा है। शिकायतकर्ता अभिनव का कहना है कि महिला एवं बाल विकास विभाग में नवपदस्थ सचिव के द्वारा मनेन्द्रगढ़ परियोजना में पदस्थ लिपिक रामावतार यादव को निलंबन करना और जांच दल का गठन जिसमें संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को शामिल करने से थोड़ी उम्मीद शासन प्रशासन पर बनी है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि पिछली बार भी सहायक संचालक रामजतन कुशवाहा के नेतृत्व में बनी टीम में वर्तमान जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिलाषा बेहार भी शामिल थीं, जिसमें जांच दल के प्रमुख के द्वारा नोटशीट में लिखे गए कंडिकाओं से ही शिकायतकर्ता ने नाराजगी जाहिर की थी और इसी बात को लेकर संचालक दिव्या मिश्रा और सहायक संचालक रामजतन कुशवाहा के उपर भ्रष्टाचारियों और दोषियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है।
जाँच टीम के जाँच के बाद होगी कार्यवाही
तात्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज खलखो एंव निलंबित पर्यवेक्षक अफरोज कुरैशी, सहायक ग्रेड 03 माहेश्वरी राजवाड़े के उपर कब कार्यवाही होगी के ज़बाब में सचिव भुवनेश यादव ने कहा है कि जाँच टीम को अधिकृत कर दिया गया है जाँच टीम के निष्कासन अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बहरहाल अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सचिव भुवनेश यादव के नेतृत्व में बनी जांच दल क्या शिकायतकर्ता को अपने आगमन के पूर्व समय देकर अवगत कराएगी या फिर औचक पहुंचेगी या फिर कहीं खानापूर्ति तो नहीं की जाएगी।