बैकुण्ठपुर@अभिनव के चेतावनी व घटती-घटना खबर के बाद हुई पोताई के अनियमितता मामले में पहली कार्यवाही,बाकी पर कब?

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प्रशासन की कार्यवाही से शिकायतकर्ता नहीं है संतुष्ट अभी भी काला झंडा दिखाने के अपने इरादे पर अडिग


मनेन्द्रगढ़ परियोजना में आंगनबाड़ी भवन पोताई प्रकरण में कोरिया कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने लिपिक को किया निलंबित


-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 21 अप्रैल 2022 (घटती-घटना)। सचिव भुवनेश यादव के सक्रियता और सख्त निर्देश पर लिपिक पर हुई निलंबन की कार्यवाही, डिप्टी कलेक्टर एवं एसडीएम मनेन्द्रगढ़ नयनतारा सिंह तोमर के द्वारा आंगनबाड़ी भवन पोताई के शिकायत की थी जांच, तीन सदस्यीय दलों के द्वारा जांच करने आने की है संभावना, हस्ताक्षर कर भुगतान करने वाले तात्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज खलखो पर कोई कार्यवाही नहीं, सहायक ग्रेड 03 माहेश्वरी राजवाड़े नियुक्ति के 10 वर्षों से एक ही कार्यालय में हैं पदस्थ, आंगनबाड़ी केंद्र गिद्धडांड में गलत नियुक्ति प्रकरण एंव आंगनबाड़ी भवन पोताई प्रकरण में संलिप्त माहेश्वरी राजवाड़े पर भी नहीं की गई कोई कार्यवाही।
माहेश्वरी राजवाड़े ने एक ही जावक संख्या से सूचना अधिकार के तहत जानकारी भी दी गई और एक ही जावक संख्या से कार्यादेश भी किया गया है, प्रशासन लिपिक को निलंबित कर शिकायतकर्ता को कहीं सांत्वना देने का तो नहीं कर रहा प्रयास शिकायतकर्ता अब भी हैं काला झंडा दिखाने के अपने इरादे पर अडिग, पूर्व में शिकायतकर्ता के बयानों को जांच दलों ने नजरंदाज कर दोषियों को बचाने की गई कोशिश, शिकायतकर्ता को बिना सूचना और समय दिए बगैर खानापूर्ति करने आ सकते हैं जांच करने जांच अधिकारी, आखिर जब पुन: जांच ही करानी थी तो ढेड़ सालों से महिला एवं बाल विकास विभाग के आला अफसर क्या पैसों का लेन-देन करने की तैयारी में तो नहीं जुटे थे या सभी घोड़े की नींद में मशगूल थे, निलंबित लिपिक पर सारे साक्ष्य होने के बाद भी विभागीय जांच में लंबा समय आखिर क्यों, संदेह के दायरे में है विभागीय जांच।
एक पर कार्यवाही सिर्फ खानापूर्ति तो नहीं ?
शिकायतकर्ता अभिनव का कहना है कोरिया-प्रशासन के दामन पर अपने ही कर्मचारियों के निकम्मेपन के कारण छींटें ना पड़ें, भला आज के इस कलयुग में कहां संभव है। जब भी छींटाकशी हो और प्रशासन की ओर से महज खानापूर्ति करते हुए सिर्फ और सिर्फ निलंबन की कार्यवाही की जाए फिर कुछ दिनों बाद बहाल कर सिर्फ विभागीय जांच संस्थागित की जाए और इसे लंबे समय तक खींचा जाए, फिर चंद रुपए लेकर दोषमुक्त करने की परंपरा पिछले कई वर्षों से विभाग में चला आ रहा है। जी हां महिला एंव बाल विकास विभाग परियोजना मनेन्द्रगढ़ में शासन से वित्तीय वर्ष 2019-20 आंगनबाड़ी भवनों के पोताई कार्य हेतु दो बार में कुल 13 लाख 20 हजार की राशि परियोजना को आबंटित की गई थी जिसमें तात्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग मनोज खलखो जो कि मनेन्द्रगढ़ परियोजना में परियोजना अधिकारी के पद के रिक्त होने के कारण परियोजना अधिकारी के प्रभार में भी थे, प्रशासनिक परियोजना अधिकारी एंव निलंबित पर्यवेक्षक अफरोज कुरैशी, लिपिक रामावतार यादव एंव सहायक ग्रेड 03 माहेश्वरी राजवाड़े के द्वारा गलत तरीके से बिना निविदा आमंत्रित किए अपने चहेतों को भुगतान करने की कार्यवाही की गई है जिसमें आरटीआई के माध्यम से जानकारी प्राप्त की गई। प्राप्त जानकारी में ई अनियमितता पाई गई जिसके बाद शिकायतकर्ता अभिनव पी द्विवेदी के द्वारा एसडीएम मनेन्द्रगढ़ से लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री को शिकायत की गई। शिकायत पर एसडीएम मनेन्द्रगढ़ के द्वारा जांच की गई और जांच प्रतिवेदन तात्कालीन कलेक्टर श्याम धावड़े के द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा कर संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजा गया जिसके उपरांत भी सिर्फ टाल मटोल की कार्यवाही की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने प्रशासन के इस प्रकार के लचर व्यवस्था के कारण प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एंव अवर मुख्य सचिव के नाम पत्र लिखकर जिले के सभी स्थानीय अधिकारियों को अवगत कर 25 अप्रैल तक का अल्टिमेटम दिया गया कि अगर निर्धारित अवधि तक समस्त दोषियों पर कार्यवाही नहीं की गई तो मुख्यमंत्री के कोरिया आगमन पर विरोध प्रदर्शन कर काला झंडा दिखाएंगें। इसे लेकर प्रशासन हरकत में आते हुए सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग भुवनेश यादव ने संवेदनशील होते हुए तत्काल कलेक्टर कोरिया को दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने प्रकरण का अवलोकन कर प्राप्त शिकायत पर सहमत होते हुए मनेन्द्रगढ़ परियोजना के लिपिक रामावतार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की कार्यवाही की है।
इन पर कार्यवाही कब ?
आंगनबाड़ी भवन पोताई प्रकरण में हस्ताक्षर कर भुगतान करने की कार्यवाही करने वाले तात्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज खलखो एंव आवक जावक शाखा का प्रभार वाले सहायक ग्रेड 03 माहेश्वरी राजवाड़े के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है। आंगनबाड़ी केंद्र गिद्ध डांड में गलत पते पर पत्र भेजने वाले सहायक ग्रेड 03 माहेश्वरी राजवाड़े के विरुद्ध भी कार्यवाही नहीं की गई है। इस संबंध में संचालक दिव्या मिश्रा ने यह लेख किया है कि अगर सही पते पर भी आवेदिका को पत्र भेजा जाता तो उसे नहीं मिलता। आखिरकार इस पर संचालक दिव्या मिश्रा और सहायक संचालक रामजतन कुशवाहा पर प्रशासन से क्या कार्यवाही की गई,कोई कार्यवाही नहीं की गई। आखिर संचालक दिव्या मिश्रा को गलत पत्र भेजने और अपने पदीय कार्यों के निर्वहन में बरती गई लापरवाही पर प्रशासन भला क्यों बचा रहा है।
शिकायतकर्ता पर हो सकता है झूठा एफआईआर दर्ज
शिकायतकर्ता अभिनव पी द्विवेदी ने कहा है कि प्रशासन के कुछ अफसर और कर्मचारी अपने बचाव के लिए शिकायतकर्ता के विरुद्ध झूठी एफआईआर कराने की बात जोरों पर है। शिकायतकर्ता ने कहा कि हो सकता है कि मेरे खिलाफ किसी अन्य को मोहरा बनाकर झूठी एफआईआर कराई जा सकती है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि मैं सदैव सच के साथ हूं और अगर गिरफ्तारी की जाती है तो मैं तैयार हूं। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि जब प्रशासन को मंत्रालय स्तर से टीम भेजी जानी है तो ढेड़ सालों से आखिर क्यों मौन धारण किए हुए थे, कहीं पैसों के लेन-देन की कोई बात तो नहीं थी कि चलो हटाओ पैसा लो और इनको बचाओ, कहीं इस नीति में तो संचालनालय स्तर के अधिकारी मस्त नहीं थे। जांच दल अगर मनेन्द्रगढ़ परियोजना आता है तो संभव है कि या तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी नहीं दी जाएगी या फिर औचक जानकारी दी जाएगी जिससे साक्ष्य प्रस्तुत ना कर पाए और दोषियों को बचाया जा सके।


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