-राजेंद्र कुमार शर्मा-
खडगवा ,19 अप्रैल 2022(घटती-घटना)। जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत जिलदा से कदमबहरा पहुंच मार्ग की पिछले कई वर्षो से सडक़ निर्माण कार्य की मांग ग्रामीणों द्वारा की जा रही थी और जैसे ही कांग्रेस की सरकार सता में आते ही क्षेत्र की विभिन्न बहुप्रतीक्षित सडक़ों की मांग को पूरा किया है जिल्दा से कदमबहरा सडक़ कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई सडक निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के द्वारा ठेकेदार को टेंडर प्रक्रिया के तहत सडक़ निर्माण कार्य का ठेका हो गया और ठेकेदार को जिलदा से कदमबहरा सडक निर्माण कार्य का काम भी मिल गया और ठेकेदार के द्रारा सडक निर्माण का कार्य भी बडी तेजी से प्रारंभ किया मगर इस सडक के निर्माण कार्य के प्रारंभ में निर्माण कार्य की जानकारी का बोर्ड जो लगाया जाता है जिसमें सडक निर्माण की समस्त जानकारी अंकित और संबंधित विभाग एवं अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी अंकित रहते हैं इस ठेकेदार के द्रारा सडक के निर्माण कार्य का बोर्ड नहीं लगाया गया है और ठेकेदार के द्वारा लगभग 40/ प्रतिशत निर्माण कार्य किया जा चुका है और आज तक जानकारी का सूचना पटल नहीं लगाया गया है।
इस ग्राम पंचायत जिल्दा से कदमबहरा सडक निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत ग्रामीणों द्वारा प्रभारी लोक निर्माण विभाग मंत्री से सडक़ निर्माण कार्य की जाच किये जाने की मांग की है।
ठेकेदार किए गए अनुबंध के बिना मापदंडों के डब्लू एम एम प्लांट के बिना सडक़ निर्माण कार्य
कर रहा है
ग्रामीण ने कहा कि इस सडक की मांग पिछले बीस से पच्चीस वर्षो से कि जा रही थी जो अब मांग पूरी हुई है।
इस पी डब्ल्यू डी विभाग के अधिकारी भी नहीं आते सडक के निरीक्षण में ठेकेदार अपनी मनमानी से कर रहा है गुणवत्ता विहीन समाग्री से सडक निर्माण कार्य इस सडक़ निर्माण कार्य में हुएं अनुबंध में और मापदंड के अनुसार जबकि इस करोड़ों रुपए कि लागत की सडक़ निर्माण कार्य में जिस सामग्री का उपयोग कर सडक़ का निर्माण कार्य किया जाना है वो डब्लू एम एम प्लांट से सामग्री का मिश्रण कर सडक़ पर बिछाना है मगर इस ठेकेदार के द्वारा इस प्लांट का उपयोग किए बिना ऐसे ही पास कि काली मिट्टी और गिट्टी का मिश्रण तैयार कर सडक़ पर बिछाकर ऊपर से पानी का छिडक़ाव कर दिया गया है इस तरह कि गुणवत्ता से इस बहुप्रतीक्षित सडक़ का निर्माण कार्य कराया जा रहा है करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सड़के ठेकेदार और अधिकारियों की साठगांठ से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं।
ठेकेदार नियमों को ताक में रखकर सडक निर्माण कार्य
किया जा रहा है
ठेकेदार के द्वारा नियमों को ताक पर रखकर सडक का निर्माण कार्य बड़े धड़ल्ले से करा रहा है। नियम के आधार पर सडक़ निर्माण के लिए प्रथम चरण में 20 सेंटीमीटर में एक लेयर में मुरुम ( जे एस बी) डालना अनिवार्य है, लेकिन ऐसा इस ठेकेदार के द्वारा नहीं किया जा रहा है ऐसे ही डायरेक्ट ओवर साइज की गिट्टी को बिछाकर सडक निर्माण कार्य कराया जा रहा है
पीडब्ल्यू डी विभाग के अधिकारी दफ्तर में बैठकर कर रहे हैं सडक कि मॉनिटरिंग
जिन अधिकारियों की मॉनिटरिंग में सडक़ का निर्माण कराया जाना है, वह मौके पर ही नहीं रह रहे हैं। इस वजह से ठेकेदार के द्वारा भरपूर मात्रा में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। अफसरों की अनुपस्थिति की एक बड़ी वजह भी सामने आई है। लोगों ने दबी जुबान से बताया कि ठेका कंपनी की ओर से मैदानी अमले को मोटी रकम मिला है। इसके चलते अफसर दफ्तर में ही बैठकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। फिलहाल गुणवत्ता विहीन सडक़ का खामियाजा लोग भुगतेंगे।
इस संबंध में सडक़ निर्माण कार्य करा रहे कर्मचारियों ने बताया कि पी डब्ल्यू डी विभाग के द्वारा सडक निर्माण कार्य हो रहा है। निर्माण स्थल पर किसी प्रकार कि कोई जानकारी का बोर्ड नहीं होने के कारण अधिकारियों से जानकारी नहीं प्राप्त हुई है।
