बैकुण्ठपुर@दोषियों के विरूद्ध नहीं हुई कार्यवाही,तो सामाजिक कार्यकर्ता अभिनव सीएम के आगमन पर दिखाएंगे काला झंडा

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  • नेमनेन्द्रगढ़ परियोजना की शिकायत पर दोषियों के विरूद्ध 25 अप्रैल तक नहीं हुई कार्यवाही तो मुख्यमंत्री के आगमन पर दिखाएंगे काला झंडा।
  • नेआंगनबाड़ी भवन पोताई में बरती गई अनियमितता व आंगनबाड़ी केंद्र गिद्धडांड में हुई गलत नियुक्तिका है मामला।
  • नेक्या सचिव भुवनेश,लिपिक रामावतार व तात्कालीन डीपीओ मनोज को बचाने का हो रहा प्रयास।


-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 16 अप्रैल 2022 (घटती-घटना)। सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग भुवनेश यादव 4 लाख 14 हजार के भुगतान को नजर अंदाज कर कहते हैं कि 3 हजार के लिए कोई निविदा निकालता है क्या, भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे सचिव भुवनेश यादव की शिकायत मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के अवर मुख्य सचिव, सचिव एंव संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग से करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं सचिव भुवनेश यादव को नहीं है नियमों की जानकारी।
महिला एंव बाल विकास विभाग के कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ परियोजना में आंगनबाड़ी केंद्र गिद्ध डांड में गलत तरीके से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति व आंगनबाड़ी भवन पोताई मामले में बरती गई अनियमितता कि शिकायत शिकायतकर्ता अभिनव पी द्विवेदी के द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के अवर मुख्य सचिव, सचिव एंव संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग तक से की गई जिसपर प्रशासन काफी कछुए चाल से कार्य करते नजर आया। जब सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग से बात की गई तो उन्होंने आंगनबाड़ी भवन पोताई मामले में पहले यह कहते हुए पल्ला झाड़ते हुए नजर आए कि बाबू पर कार्यवाही करने का अधिकार संबंधित कलेक्टर के पास है फिर यह राग अलापते नजर आए कि 3 हजार के लिए क्या कोई निविदा निकालता है, तुम्हारे यहां कलेक्टर से पूछो कि कितनों का बिल भुगतान बिना निविदा के निकालते हैं। इसलिए कोई ग़लत नहीं है,जिसने भी जांच किया है वो ग़लत जांच है। सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग भुवनेश यादव शायद शासन के नियमों से अंजान हैं कि भण्डार क्रय अधिनियम के अंतर्गत 10 हजार तक के भुगतान के लिए दो स्थानीय अखबारों में खुली निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया की जाती है, एक लाख रुपए तक के भुगतान के लिए दो जिले स्तर के अखबारों पर निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया की जाती है और एक लाख रुपए से अधिक के भुगतान के लिए राज्य स्तर के दो अखबारों में निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया की जाती है। महिला एवं बाल विकास विभाग के लिपिक रामावतार यादव एंव तात्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी जो कि परियोजना अधिकारी के प्रभार में भी रहे के द्वारा नियमों की अनदेखी कर 4 लाख 14 हजार की राशि का भुगतान किए हैं। यहां तक की सचिव भुवनेश यादव फाईल में यह देखना उचित नहीं समझे कि आंगनबाड़ी भवनों के पोताई में जो फोटो का प्रयोग किया गया है वह भी एडिटिंग फोटो हैं। सचिव भुवनेश यादव शिकायत कर्ता से कार्यवाही करने के लिए कलर फोटोग्राफ की डिमांड करते नजर आए पर उन्हें शायद यह भी ज्ञान नहीं है कि सूचना अधिकार अधिनियम के तहत उपलब्ध दस्तावेजों की छायाप्रति कर देने का प्रावधान होता है। सचिव भुवनेश यादव के इन्हीं कार्यशैली एंव पूर्व में संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग दिव्या मिश्रा और उप संचालक रामजतन कुशवाहा के द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रतिवेदनों से दोषियों को बचाने के अंदेशे से प्रशासन के द्वारा ही भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने के कारण ही शिकायकर्ता अभिनव पी द्विवेदी ने प्रशासन को 25 अप्रैल तक दोषियों पर कार्यवाही करने का अल्टिमेटम दिया है और कहा है कि अगर 25 अप्रैल तक प्रशासन दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही नहीं करता है तो उस दशा में धरना प्रदर्शन और मुख्यमंत्री के कोरिया जिले आगमन पर काला झंडा शिकायतकर्ता अभिनव पी द्विवेदी के द्वारा दिखाया जाएगा जिसके लिए पूरा प्रशासन जिम्मेदार होगा।
क्या है मामला
वर्ष 2019-20 में शासन से भवन पोताई के लिए परियोजना में दो बार राशि जारी की गई जिस पर लिपिक रामावतार यादव, तात्कालीन प्रशासनिक परियोजना अधिकारी अफरोज कुरैशी एंव तात्कालीन डीपीओ मनोज खलखो के द्वारा अपने चहेतों को नियम विरुद्ध तरीके से भुगतान की कार्यवाही की गई है।
किन्हें कितना
भुगतान किया गया
प्रवीण निशी 4 लाख 14 हजार, राजकुमार 1 लाख 62 हजार, सत्य नारायण साहू 1 लाख 62 हजार, संतोष साहू 1 लाख 44 हजार, पिंटू भास्कर 1 लाख 26 हजार, छत्रपाल, सीता छिपछिपी, सुनीता छिपछिपी को 60 हजार की राशि का किया गया भुगतान।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति का क्या है मामला
आंगनबाड़ी केंद्र गिद्धडांड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति में निलंबित पर्यवेक्षक अफरोज कुरैशी, लिपिक रामावतार यादव, सहायक ग्रेड 03 माहेश्वरी राजवाड़े की अहम भूमिका है। लेखा और स्थापना शाखा का प्रभार लिपिक रामावतार यादव के पास होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया संपादित की गई। आवक जावक का प्रभार सहायक ग्रेड 03 माहेश्वरी राजवाड़े के पास था जिनके द्वारा जानबूझकर चयनित अभ्यर्थी को गलत पते पर पत्र भेजा गया और पत्र के वापस कार्यालय में मिलने का इंतजार किए बिना ही सिर्फ 10 दिनों में दूसरी नियुक्ति आदेश अन्य अभ्यर्थी को जारी कर दिया गया। दोनों ही नियुक्ति आदेश तात्कालीन प्रशासनिक परियोजना अधिकारी अफरोज कुरैशी के द्वारा जारी किया गया। प्रकरण में सिर्फ प्रशासनिक परियोजना अधिकारी अफरोज कुरैशी को ही निलंबित किया गया है,शेष दोषियों को बख्शने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
लिपिक रामावतार यादव पर हैं
कई संगीन आरोप

भरतपुर परियोजना में पदस्थापना के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र पिछवाड़ा बांध में गलत और कूटरचित अंकसूची के आधार पर अंक देकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति का है मामला खडग़ंवा परियोजना में पदस्थापना के दौरान मूंग दाल लड्डू योजना में राशि का गबन करना, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खातों में कई कई बार पैसा जमा करना और गलत तरीके से अपने चहेतों को मनमाना यात्रा भत्ता का भुगतान करना जैसे कई संगीन प्रकरण हैं।


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