व्रतियों ने भगवान भास्कर की आराधना कर देश,समाज और परिवार के लिए की सुख-शांति और समृधि की कामना
अम्बिकापुर,08अप्रैल 2022.(घटती-घटना)। उगते सूर्य को अघ्र्य देने के साथ चैती छठ महापर्व संपन्न हो गया। इस दौरान छठ व्रतियों ने 36 घंटों तक निर्जला उपवास रखकर भगवान भास्कर की आराधना की और देश, समाज और परिवार के सुख-शांति और समृधि की कामना की। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व को काफी उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान छठ के गीतों से पूरा इलाका छठमय रहा। गुरुवार को षष्टी तिथि पर व्रतियों ने उगते सूर्य को अघ्र्य अर्पित किया। वहीं शुक्रवार को उदयाचलगामी सूर्य को अघ्र्य देने साथ छठ पर्व संपन्न हुआ। यह व्रत अपने आप में कठिन और काफी तप वाला व्रत माना जाता है।
उदयाचलगामी सूर्य को अघ्र्य देने के लिए व्रती अपने-अपने घरों से अहले सुबह से ही घर से निकल कर शहर के शंकरघाट स्थित छट घाट पहुंचने का सिलसिला जारी हो गया था। लोगों ने भगवान भास्कर को अघ्र्य देने के लिए बेसबरी से इंतजार कर रहे थे। सूर्य उदय होते ही व्रतियों ने अध्र्य अर्पित किया। इसके बाद व्रतियों ने पूजा अर्चना कर व्रतियों ने घर में अपने बड़ों का आशीर्वाद लेकर प्रसाद ग्रहण कर पारन किया।