
लखनपुर ,03अप्रैल 2022(घटती-घटना)। लखनपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम लबजी के आश्रित ग्राम लोटा ढोडी में हाथियों ने मचाया उत्पात जिसमें 14 जंगली हाथियों के दल ने दो दर्जन ग्रामीणों को किया घर से बेघर पेड़ के नीचे रहने को मजबूर पूरी रात रतजगा कर रहे हैं ग्रामीण अपने छोटे एवं वृद्ध जनों की सुरक्षा खुद कर रहे प्रशासन से नहीं मिल रहे कोई मदद।
लखनपुर वन परिक्षेत्र के वनांचल ग्राम पंचायत लब्जी के आश्रित ग्राम लोटाढोढ़ी मैं विगत 17 मार्च को 8 हाथियों का दल रायगढ़ जिला के कापू जंगल होते हुए लखनपुर वन परिक्षेत्र के सीमा में पहुंचा और ग्राम लब्जी के लोटाढोढ़ी में सर्वप्रथम 8 हाथियों का दल पहुंचा और रात्रि में स्वच्छंद विचरण करते हुए वहां निवासरत वनवासियों का घरों को तोडफ़ोड कर रखे खादय सामग्री धान चावल महुआ अन्य सामग्री चटद्मह्म् दी गई वही पहले ही 8 हाथियों का दल से परेशान ग्रामीण थे ही और वही 1 सप्ताह के अंदर हाथियों के दल रायगढ़ कापु मैन पार्ट होते हुए लखनपुर सीमा मे पहुंच गया और 14 जंगली हाथियों का दल एकत्रित होकर रात्रि में मैनपाट सीमा के बाहर खुली जंगल में रहते और रात्रि होते ही यह लखनपुर सीमा के लोटा डोरी गांव में पहुंचकर पूरी रात उत्पात मचाते हैं और घर में रखें चावल धान महुआ सहित तमाम खाद्यान्न पदार्थ को चट करते हुए बुरी तरह से घर को तोड़ दिया जाता है गांव के ही ननका राम कोरवा पिता लोधरों कोरवा के द्वारा बताया गया कि लगभग दो दर्जन ग्रामीणों के घर को 14 जंगली हाथियों के द्वारा तोड़ा जा चुका है व पुन: कईबार आकर फिर हाथियों के दल के द्वारा तोड़ा जा रहा है ।
ग्राम लोटा ढोडी में 12 ग्रामीणों के हाथियों के द्वारा तोड़ा गया जिनका नाम क्रमश: जंत्री यादव पिता सीताराम यादव, प्रदीप केरकेट्टा पिता लन्दा केरकेटा, मोहना उराव पिता बखोरी उरांव, प्रकाशक का पिता जागेश्वर इक्का ,नान्हू कोरवा पिता पंडरुकोरवा,रूगसू कोरवा पीता सोमारू कोरवा , ननका राम कोरवा पीता लोधरो कोरवा ,रूगसू कोरवा पीता सोमारू कोरवा ईशवर कोरवा पीता रामनाथ कोरवा , जगदीश कुरवा पिता नान्हू कोरवा , रूपन केरकेट्टा पिता रघुवीर केरकेट्टा,कोलाई कोरवा पीता सैनाथ कोरवा लगभग 2 दर्जन से भी अधिक घर को 14 हाथियों के दल ने एक बार नहीं बार बार आकर तोड़ा जा रहा है और ग्रामीण पेड़ खलिहान सहित इधर-उधर अपने छोटे-छोटे बच्चों और वृद्ध परिजनों को सुरक्षित स्थानों में रखकर पूरी रात रतजगा की जा रही है।
जिस तरह लगातार हाथियों के द्वारा स्वच्छंद विचरण कर वनांचल वासियों के घरों को तोडक़र बेघर किया जा रहा है और वही वन विभाग के वनरक्षक वनपाल सहित तमाम कर्मचारी इन दिनों हड़ताल पर जाने से परेशानियां और भी बढ़ गई हैं वनवासियों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है ग्राम वासियों को अभी तक वन विभाग सहित प्रशासन से किसी भी तरह का सहयोग नहीं मिल पा रहा है।