
अम्बिकापुर,01 अप्रैल 2022(घटती-घटना)। चैत्र नवरात्र आज से प्रारंभ हो रही है। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना या घट स्थापना का महत्व है। नवरात्र को लेकर लोगों ने पूरी तैयार कर ली है। घरों जिले के मंदिरों व शक्तिपीठों में भी ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होंगे। वहीं इस वर्ष चैत्र नवरात्र पर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर पूरी तरह खुले रहेंगे। पिछले दो वर्ष बाद इस नवरात्र पर मां के सीधे दर्शन के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया है। पिछले दो वर्ष से कोरोना संक्रमण काल के कारण मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए थे। हालांकि कोरोना नियमों के तहत मंदिरों में देवी देवताओं के दर्शन के लिए दूर से व्यवस्था की गई थी। पर इस वर्ष कोरोना की रफ्तार कम होने के कारण मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह से खोल दिए गए हैं। शहर के मां महामाया मंदिर, दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाए गए हैं। महामाया मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में ज्योति कलश प्रज्जवलित के लिए ज्यादा रशीद काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि महामाया मंदिर में कुल 45 सौ से ज्यादा ज्योति कलाश प्रज्जवलित किए जाने की उम्मीद है।
नवरात्र पर दिखा
महंगाई का असर
महंगाई काफी चरम पर है। इसका असर पूजा-पाठ में भी दिखनी शुरू हो गई है। महंगाई का असर इस वर्ष चैत्र नवरात्र पर भी पड़ा है। घी व तेल के ज्योति कलश प्रज्ज्वलित के लिए रशीद का शुल्क मंदिर समिति द्वारा बढ़ा दी गई है। जहां पिछले वर्ष तक घी के ज्योति कलश के लिए 1000 रुपए का शुल्क लिया जाता था। वहीं इस वर्ष महंगाई को देखते हुए 600 रुपए ज्यादा लिया जा रहा है। जबकि तेल के ज्योति कलश प्रज्जवलित करने वाले श्रद्धालुओं से पुराने शुल्क ही लिया जा रहा है।
44 सौ से ज्यादा जलेंगे ज्योति कलश
महामाया मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस वर्ष पूरे 9 दिनों का नवरात्र है। इस वर्ष मां महामाया की दर्शन मंदिर परिसर के अंदर से श्रद्धालु कर सकेंगे। वहीं इस वर्ष महामाया मंदिर में 24 सौ तेल व 2000 घी के ज्याति कलश प्रज्जवलित किए जाने का अनुमान है। इसी तरह गांधी चौक स्थित दुर्गा मंदिर में भी मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को पूरी छूट रहेगी। यहां भी पूर्व वर्षों की तुलना में इस वर्ष ज्यादा ज्योति कलश स्थापीत किए जाने का अनुमान है।