अम्बिकापुर 27 मार्च 2022 (घटती-घटना)। परसा कोयला खदान परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहित होने के बाद ग्रामीणों द्वारा रोजगार देने की मांग अब जोर पकडऩे लगी है। शनिवार को यहां एक दिन के प्रवास में सरगुजा पहुंची छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उईके को परसा के सैंकड़ों ग्रामीणों ने रोजगार के मांग के लिए एक बार फिर से ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने राज्यपाल से अनुरोध करते हुए बताया कि गत छह महीनों से हमने छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपकर हमारी बेरोजगारी के बारे में जानकारी दी है। साथ ही कम्पनी को परसा कोयला खदान के लिए जमीन देने के बाद भी परियोजना शुरू नहीं होने से हमें अब तक नौकरी नहीं मिल पा रही है। जिससे अब हमारी माली हालत दिन प्रतिदिन खराब हो रही है। चूंकि सभी ने अपनी जमीन का मुआवजा ले लिए है अत: वे अब इन जमीन में कृषि कार्य भी नहीं कर सकते जिससे अब उन्हें दैनिक खर्च को वहन करने में मुश्किल हो रही है। वहीं बेचे हुए जमीन के पैसों से वे अपनी गुजर बसर करने को मजबूर हो रहे है। किन्तु अब वह भी खत्म होने की कगार में है।
वहीं दूसरी ओर भूमि अधिग्रहण में बाहर से आए तथाकथित एनजीओ के सदस्य स्थानिक ग्रामीणों को बरगलाकर बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। जिसका हम सभी ग्रामीण विरोध करते है। और इनके हमारे ग्राम में प्रवेश पर रोक लगाने का अनुरोध करते है।
गौरतलब है की सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक के लगभग छ: ग्राम के ग्रामीणों द्वारा राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन लिमिटेड को आवंटित खुली कोयला खदान परियोजना के लिए अपनी जमीन भूमि अधिग्रहण के अन्तर्गत दिया है तथा जिसके पुनर्वास योजना के तहत उनके एक व्यक्ति को रोजगार देने का भी प्रावधान है। इस वजह से अब ये ग्रामीणों अपने रोजगार के लिए आवाज बुलंद कर रहे है।
मुलाकात के बाद राज्यपाल ने जिला कलेक्टर को बुलाकर परियोजना के सभी अवरोधों को दूर करते हुए इसे जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
