अम्बिकापुर. 26 मार्च 2022 (घटती-घटना)। वैश्विक कोरोना महामारी के कारण हमारी आनलाइन कक्षाएं लगी हैं, जो की प्राध्यापकों द्वारा नियमित रूप से संचालित नहीं की गई,जिससे विद्यार्थियों का कोर्स अभी भी अपूर्ण है,जिसमें तत्काल परीक्षा आयोजित करना सही नहीं है! साथ ही विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा यह ध्यान नहीं दिया गया कि महाविद्यालयो ने अपना पाठ्यक्रम क्यो पूर्ण नहीं किया । यह की विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों मे अक्टूबर नवम्बर तक छात्रों का प्रवेश प्रक्रिया चलने के कारण उस समय भी ऑफलाइन कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हुई। यह की सभी विद्यार्थियों का एक मत है कि ‘ऑनलाइन शिक्षा- ऑनलाइन परीक्षा’ इसलिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित किया जाना चाहिए और यदि शासन ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करना चाहे तो कम 50 से 60 दिन का समय महाविद्यालय को पाठ्यक्रम पूर्ण करने लिए दिया जाए अन्यथा 30 से 40 प्रतिशत पाठ्यक्रम कम किया जाए।
यह की ग्रामीण अंचलों से आने वाले छात्र-छात्राओं के पास मोबाइल सुविधा ना होने के कारण वह ऑनलाइन क्लास नहीं ले पाए हैं चूंकि पिछली सरकार के द्वारा सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप और टेबलेट वितरित किया गया था ताकि हम डिजिटल तरीके से अपनी पढ़ाई भी पूरी कर सकें, लेकिन मौजूदा सरकार हमें इस प्रकार की कोई सुविधा मुहैय्या नहीं कराई जिस पर ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि ऑनलाइन पढ़ाई को अगर शासन ने बढ़ावा दिया है तो उसके लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे कि लैपटॉप एवं टेबलेट का वितरण भी जरूरी है।इसलिये उन्हें तत्काल लैपटॉप टेबलेट उपलब्ध कराया जाय। वहीं अनुराग तिवारी ने महाविद्यालय में हो रहे अनाचार को रोकने के लिए अवांछित तत्त्वों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग किया है । इस दौरान प्रदेश सचिव रचित मिश्रा संभाग प्रवक्ता अनुराग तिवारी गणेश मिश्रा प्रतिक गुप्ता आनंद पटेल संगीता आदि उपस्थित रहे।
