-नगर संवाददाता-
अम्बिकापुर,10 मार्च 2022(घटती-घटना)। सन 1975 के बाद से लगभग 45 वर्षों से महिला बाल विकास विभाग में अपनी सेवा दे रहीं ये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाएं आज भी नियमित होने के बाट जोह रही हैं। महिला बाल विकास विभाग की बोझ ढो रही हैं मगर इन्हे आज तक सम्मान जनक मानदेय भी नसीब नही है, प्रशासन इनसे काम तो खूब ले रही है लेकिन न तो मानदेय बढ़ाती है न ही
नियमित करती है, काश बजट में इनके लिए भी कुछ देते बघेल जी, यही अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इनका तोहफ़ा होता। उक्त बातें अधिवक्ता प्रदीप सोनी के द्वारा कही गई।
