भिलाई, 09 मार्च 2022। बीएसएफ छाीसगढ़ के आईजी एसके त्यागी ने कामतेड़ा मे΄ नये कैम्प की स्थापना को लेकर बड़ी बात कही है. उन्हो΄ने कहा कि कै΄प की स्थापना से इलाके मे΄ माओवादियो΄ की गतिविधियो΄ मे΄ अवरोध उत्पन्न हुआ है, जो उनके माढ एरिया, एमएमसी और राजना΄दगा΄व जाने का प्रमुख रास्ता है. इसलिए नये कै΄प का विरोध करने माओवादी आसपास के ग्रामीणो΄ को उकसा रहे है΄.
बीएसएफ के छाीसगढ़ आईजी एसके त्यागी ने पत्रकार से चर्चा की. उन्हो΄ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल 2009 से छाीसगढ़ के का΄केर जिले मे΄ नसल विरुद्ध अभियान मे΄ तैनात है, और दुर्गम क्षेत्रो΄ मे΄ बड़ी कठिन परिस्थितियो΄ मे΄ अपनी ड्यूटी को बड़े ही निपुणता के साथ निभा रही है. जिला का΄केर के दूरदराज व अति स΄वेदनशील इलाके मे΄ आजादी के बाद वषोर्΄ तक सडक़ निर्माण का कार्य नही΄ हुआ था.
कोयलीबेड़ा मे΄ दूर किया आदिवासियो΄ का भय
आईजी ने बताया कि सुरक्षा बल की कार्य क्षमता को देखते हुए अतिस΄वेदनशील इलाके सीओबी उदानपुर, थाना कोयलीबेड़ा जिला का΄केर से लगभग 35 किमी पश्चिम दिशा मे΄ घने ज΄गल मे΄ स्थित गा΄व कामतेड़ा मे΄ नई चौकी बनाकर 29 नव΄बर, 2020 को जवानो΄ को तैनात किया. जहा΄ के आदिवासी ग्रामीण लोग नसलियो΄ के दबाव तथा भय के कारण शिक्षा एव΄ विकास से व΄चित है. सुरक्षा बल ने यहा΄ अपनी चौकी बनाकर ग्रामीण आदिवासी लोगो΄ के दिल मे΄ नसलियो΄ का भय तथा उनका दबाव को दूर करने का प्रयास कर रही है. का΄केर जिला के थाना कोयलीबेड़ा इलाके को माओवादियो΄ का गढ़ माना जाता है.
कै΄प से बढ़ा लोगो΄ मे΄ उत्साह
आईजी त्यागी ने बताया कि चारो΄ तरफ घने ज΄गल से घिरे हुए एव΄ नसलियो΄ का गढ़ माने जाने वाले इलाको΄ की जिम्मेदारी लेकर सुरक्षा बल ने अपने उच्च दर्जे के प्रशिक्षण तथा कुशल कार्यक्षमता की पहचान दी है. इससे वहा΄ आसपास गा΄व के लोगो΄ मे΄ उत्साह बढ़ा है. सुरक्षा बलो΄ के नए केम्प की स्थापना होने से आसपास के गा΄वो΄ जैसे आदिवासी बहुल इलाके मे΄ विकास की रफ्तार तेज होगी, जो वर्तमान मे΄ माओवादियो΄ का सुरक्षित ठिकाना है.
सुरक्षित महसूस कर रहे है΄ ग्रामीण
कामतेड़ा मे΄ नये कैम्प की स्थापना से इलाके मे΄ विकासात्मक कार्य मे΄ वृद्धि हुई है, और आसपास के ग्रामीण अपने आपको सुरक्षित महसूस कर रहे है΄. सीमा सुरक्षा बल द्वारा कोयलीबेड़ा से पखाजुर तक लगभग 13 किमी की पक्का सडक़ निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है. दोनो΄ तरफ पुलिया निर्माण का कार्य प्रगति पर है. कोयलीबेड़ा, पखा΄जूर से भानुप्रतापुर जाने के लिए पहले लगभग 130 किमी की दूरी सफर तय करना पड़ता था. इलाके मे΄ सडक़ और पुल का निर्माण हो जाने से स्थानीय लोगो΄ को लगभग 42 किमी का सफर तय करना पड़ेगा. इससे लगभग 90 किमी अ΄तर पड़ जाएगा. इससे स्थानीय लोगो΄ को आने-जाने मे΄ समय और सफर की बचत हो जाएगी.
सुरक्षा बल की निगरानी मे΄ सडक़ निर्माण
उन्हो΄ने बताया कि सुरक्षा बल अपनी सुरक्षा निगरानी मे΄ सडक़ निर्माण का कार्य पूरा कराया. इससे वहा΄ के ग्रामीण लोगो΄ को छोटे शहर के साथ जुडऩे का अवसर प्राप्त हुआ. सुरक्षा बल की तैनाती से पहले का΄केर जिला क्षेत्र मे΄ नसलियो΄ का आत΄क और भय व्याप्त था. सुरक्षा बल ने क्षेत्र से नसलियो΄ के विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर लोगो΄ के मन मे΄ सुरक्षा की भावना पैदा की. इस कार्य मे΄ सुरक्षा बल के अधिकारी व जवानो΄ के साथ-साथ सुरक्षा बल की खुफिया विभाग की अहम भूमिका रही है.
