रायपुर@कृषि के क्षेत्र मे΄ छाीसगढ़ राज्य की ऊँची छला΄ग ग्रामीण महिलाए΄ अब गोबर से बनाए΄गी बिजली: भूपेश बघेल

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मुख्यम΄त्री की मौजूदगी मे΄ राज्य मे΄ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हुए दो महत्वपूर्ण एमओयू
राज्य मे΄ गोबर से बिजली बनाने और खाद्य पदाथोर्΄ के स΄रक्षण के लिए होगा आधुनिक तकनीक का उपयोग
छाीसगढ़ देश का पहला राज्य जिसने भाभा परमाणु अनुस΄धान केन्द्र के साथ तकनीकी हस्ता΄तरण के लिए किया अनुब΄ध
गोबर से बिजली बनाने निसरग्रुना टेनोलॉजी का होगा उपयोग
छाीसगढ़ बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण और भाभा परमाणु अनुस΄धान केन्द्र के मध्य हुआ एमओयू
रायपुर, 26 फरवरी 2022। मुख्यम΄त्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अब तक विद्युत उत्पादन का कार्य सरकारे΄ और बड़े औद्योगिक घराने करते रहे है΄। यह मिथक छाीसगढ़ राज्य मे΄ टूटने जा रहा है। राज्य सरकार की मदद से अब गा΄व की महिलाए΄ विद्युत उत्पादक बनने जा रही है। राज्य के गौठानो΄ मे΄ क्रय किए जा रहे गोबर से स्व-सहायता समूहो΄ की ग्रामीण महिलाए΄ बिजली बनाए΄गी। इसके लिए भाभा परमाणु अनुस΄धान केन्द्र ट्राम्बे मुम्बई से गोबर से विद्युत उत्पादन की आधुनिक तकनीक निसरगु्रना के हस्ता΄तरण के लिए छाीसगढ़ बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण के साथ एमओयू हुआ है। गौठानो΄ मे΄ गोबर एव΄ कृषि अपशिष्ट से बिजली एव΄ जैव ई΄धन के उत्पादन के लिए स΄य΄त्र लगाए जाए΄गे।
गोबर से बिजली बनाने निसरग्रुना टेनोलॉजी का होगा उपयोग
मुख्यम΄त्री श्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय मे΄ गोबर से बिजली उत्पादन एव΄ खाद्य विकिरण परियोजना के एमओयू कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्हो΄ने कहा कि पिछले तीन सालो΄ मे΄ छाीसगढ़ ने कृषि के क्षेत्र मे΄ तेजी से प्रगति करते हुए पूरे देश को रास्ता दिखाया है। कृषि और किसानो΄ की बेहतरी के लिए कई नए कदम उठाए गए है΄ और नए-नए नवाचार हुए है। कृषि क्षेत्र के विकास के लिए छाीसगढ़ सरकार की योजनाओ΄ की सफलता की चर्चा आज पूरे देश मे΄ हो रही है। किसानो΄ की आय मे΄ बढ़ोारी के लिए फसल उत्पादन एव΄ गुणवाा बढ़ाने तथा मूल्य स΄वर्धन करने और उनके सुरक्षित भ΄डारण पर जोर दिया है।
मुख्यम΄त्री ने छाीसगढ़ राज्य मे΄ खाद्य विकिरण केन्द्र की स्थापना के लिए बोर्ड ऑफ रेडियेशन एव΄ आइसोटोप टेनोलॉजी (बीआरआईटी) परमाणु ऊर्जा विभाग भारत सरकार एव΄ छाीसढ़ राज्य बीज कृषि विकास निगम के मध्य हुए समझौते पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इस आधुनिक तकनीक के जरिए खाद्य पदाथोर्΄ विशेषकर फल, सजी और दालो΄ को जल्दी से खराब होने से बचाने मे΄ और किसानो΄ को बेहतर मूल्य दिलाने मे΄ मदद मिलेगी। छाीसगढ़ के कृषि उत्पादन एव΄ लघु वनोपजो΄ को देश-दुनिया से मार्केट मे΄ जगह और अच्छा मूल्य मिलेगा।
मुख्यम΄त्री ने इस मौके पर वैज्ञानिको को बधाई और शुभकामनाए΄ देते हुए कहा कि वे जनजीवन से जुड़ी समस्याओ΄ के निदान के लिए लगातार प्रयासरत है। ग्लोबल वामिर्΄ग और पर्यावरण की देश-दुनिया के सामने चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्हो΄ने कहा कि वैदिक काल से हमारी पर΄परा प्रकृति से लेने और फिर उसे वापस लौटाने की रही है। छाीसगढ़ राज्य मे΄ बीते तीन सालो΄ मे΄ इस पर΄परा को मजबूती के साथ हम आगे बढ़ा रहे है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से हमने पैरादान की पर΄परा की शुरूआत की है। इससे खेतो΄ मे΄ पराली जलाने और कार्बन उत्सर्जन पर रोक लगी है।
मुख्यम΄त्री ने छाीसगढ़ मे΄ वनो΄ के स΄रक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासो΄ का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य का 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है। हमने ज΄गलो΄ को बचाकर रखा है, राज्य का बड़ा भू-भाग वनाच्छादित होने के कारण वहा΄ अपेक्षाकृत विकास के कार्य नही΄ हो पाते है΄। विकास के लिए बड़े प्रोजेट जैसे सि΄चाई के लिए बा΄ध, उद्योग, कारखाने आदि की स्थापना मे΄ दिक्कत आती है, पर΄तु राज्य को इसकी कही΄ से कोई भी प्रतिपूर्ति नही΄ मिलती है, जबकि छाीसगढ़ देश को 16 प्रतिशत ऑसीजन की सप्लाई करता है। प्रकृति को कैसे बचाए΄ और उससे कैसे लाभ ले΄, इस दिशा मे΄ छाीसगढ़ सरकार काम कर रही है। उन्हो΄ने उम्मीद जताई कि राज्य मे΄ फूड रेडियेशन टेनोलॉजी के उपयोग से किसानो΄ और वनवासियो΄ के आय मे΄ और वृद्धि होगी।
कार्यक्रम को कृषि म΄त्री श्री रविन्द्र चौबे, मुख्यम΄त्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा ने भी सम्बोधित किया और कहा कि मुख्यम΄त्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य के गौठानो΄ मे΄ रूरल इ΄डस्ट्रीयल पार्क की स्थापना तेजी से की जा रही है। यहा΄ बेहतर उत्पादन एव΄ लाभ के लिए तकनीक की जरूरत है। भाभा परमाणु अनुस΄धान केन्द्र से हुए एमओयू के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने मे΄ मदद मिलेगी। उन्हो΄ने कहा कि कृषि के क्षेत्र मे΄ छाीसगढ़ सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
छाीसगढ़ देश का पहला राज्य जिसने भाभा परमाणु अनुस΄धान केन्द्र के साथ तकनीकी हस्ता΄तरण के लिए किया अनुब΄ध
परमाणु वैज्ञानिको΄ ने गोधन न्याय योजना को सराहा
इस अवसर पर बीआरसी के डायरेटर डॉ. ए.पी. तिवारी, ब्रिट के सीईओ डॉ. प्रदीप मुखर्जी ने गोबर से विद्युत उत्पादन और खाद्य रेडियेशन तकनीक के बारे मे΄ विस्तार से जानकारी दी। भाभा परमाणु अनुस΄धान केन्द्र के वैज्ञानिको΄ ने छाीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना की सराहना की और कहा कि गौठान और गोधन न्याय योजना के जरिए छाीसगढ़ सरकार ने कई उद्दश्यो΄ की पूर्ति की है और कई ज्वल΄त समस्याओ΄ का निदान का रास्ता भी दिखाया है। परमाणु वैज्ञानिक डॉ. ए.पी. तिवारी ने कहा कि छाीसगढ़ मे΄ गोबर और कचरा अब धन बन गया है। इससे मिथेन गैस और विद्युत ऊर्जा का उत्पादन होगा। बीएआरसी बॉयो साई΄स डायरेटर डॉ. तपन कुमार घ΄टी ने कहा कि छाीसगढ़ सरकार दो रूपए मे΄ गोबर खरीदकर उसका अच्छा उपयोग कर रही है।
कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सि΄ह ने विकिरण टेनोलॉजी का खाद्य उत्पादो΄ की सेल्फ-लाइफ बढ़ाने, उनकी गुणवाा की सुरक्षा और सुधार के लिए उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग आलू, प्याज, सजी, दलहन, अदरक और मसाले΄ सहित उद्यानिकी फसलो΄ की सेल्फ-लाईफ बढ़ाने के लिए किया जाता है। इससे छाीसगढ़ के उत्पादो΄ का अमेरिका, यूरोप के देशो΄ मे΄ निर्यात करने मे΄ मदद मिलेगी। उन्हो΄ने बताया कि बोर्ड ऑफ रेडिएशन एण्ड आइसोटॉप टेनोलॉजी द्वारा छाीसगढ़ के विशेष उत्पादो΄ जैसे इमली और महुआ की सेल्फ-लाइफ बढ़ाने के लिए इस तकनीक के उपयोग पर अनुस΄धान किया जाएगा। बी.आर.आई.टी. द्वारा छाीसगढ़ को टेनोलॉजी देने के साथ यहा΄ के लोगो΄ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विकिरण टेनोलॉजी से स΄साधित उत्पादो΄ का सर्टिफिकेशन भी किया जाएगा। ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अ΄कित आन΄द ने कहा कि एमओयू से बायो एनर्जी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और यह तकनीक राज्य के इच्छुक निजी उद्यमियो΄ को भी दी जा सकेगी।

कार्यक्रम का स΄चालन सचिव कृषि डॉ. एस. भारतीदासन ने किया। गोबर से विद्युत उत्पादन की तकनीक हस्ता΄तरण के लिए बीएआरसी के डायरेटर डॉ. ए.पी. तिवारी और छाीसगढ़ बायो फ्यूल विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री सुमित सरकार ने तथा फूड रेडियेशन परियोजना के लिए बीआरआईटी के सीईओ डॉ. प्रदीप मुखर्जी और छाीसगढ़ बीज एव΄ कृषि विकास निगम के प्रब΄ध स΄चालक श्री भुवनेश यादव ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश च΄देल, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सि΄ह, कृषि सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव ऊर्जा श्री अ΄कित आनन्द, बीएआरसी बॉयो साई΄स डायरेटर डॉ. तपन कुमार घ΄टी, टेनोलॉजी ट्रा΄सफर एण्ड कोलेबोरेशन डिविजन के प्रमुख डॉ. अमर बनर्जी, वैज्ञानिक डॉ. एस.टी. मेहत्रे, फूड टेनोलॉजी के प्रमुख डॉ. एस.गौतम सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, भाभा एटॉमिक रिसर्च से΄टर तथा विकिरण बोर्ड और आइसोटोप प्रौद्योगिकी के प्रतिनिधि अधिकारी कार्यक्रम मे΄ मौजूद रहे।


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