गुवाहाटी ,16 फरवरी 2022। असम के मुख्यम΄त्री हिम΄त बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि उार-पूर्वी राज्य की स΄स्कृति और पर΄पराओ΄ के अनुरूप राज्य मे΄ कई स्थानो΄ के नाम बदले जाए΄गे। मुख्यम΄त्री ने ट्विटर पर कहा, नाम मे΄ बहुत कुछ रखा है। किसी शहर, कस्बे या गा΄व का नाम उसकी स΄स्कृति, पर΄परा और सभ्यता का प्रतिनिधित्व करना चाहिए। सरमा ने बताया कि पूरे असम मे΄ नाम बदलने पर सुझाव आम΄त्रित करने के लिए एक पोर्टल शुरू किया जाएगा जो हमारी सभ्यता, स΄स्कृति के विपरीत और किसी भी जाति या समुदाय के लिए अपमानजनक है। उार प्रदेश के मुख्यम΄त्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने राज्य मे΄ कुछ शहरो΄ के नाम बदले है΄। जैसे इलाहाबाद को अब प्रयागराज के नाम से जाना जता है। इससे पहले म΄गलवार क असम के मुख्यम΄त्री ने गुवाहाटी मे΄ दूसरे मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन मे΄ बोलते हुए कहा था कि कालाफर और असम के अन्य कस्बो΄ और गा΄वो΄ सहित कुछ स्थानो΄ का नाम बदला जाएगा।
उन्हो΄ने कहा, असम मे΄ कई जगहो΄ के नाम ऐसे है΄ जिन्हे΄ बोलने मे΄ लोग सहज महसूस नही΄ करते है΄ और कुछ समुदायो΄ के लिए अपमानजनक दिखते है΄। इसलिए, इन्हे΄ बदलने की जरूरत है। सरमा ने कालापहाड़ का उदाहरण दिया और कहा, कालापहाड़ ने कामाख्या म΄दिर को नष्ट कर दिया था। मुझे कोई कारण नही΄ दिखता कि किसी शहर का नाम कालाफर रखा जाए। लोगो΄ के साथ परामर्श के बाद इस नाम को हटा दिया जाना चाहिए।
पिछले साल सित΄बर मे΄ असम कैबिनेट द्वारा राजीव गा΄धी राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलकर ओर΄ग राष्ट्रीय उद्यान किए जाने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
सरमा ने चाय जनजाति समुदाय से मुलाकात के बाद ऐसा किया था, जिन्हो΄ने नाम बदलने के लिए अनुरोध किया था। बाद मे΄ मुख्यम΄त्री ने स्पष्ट किया कि असम मे΄ राजनीतिक नेताओ΄ के नाम पर राष्ट्रीय उद्यानो΄ का नामकरण करने की कोई पर΄परा नही΄ थी, लेकिन का΄ग्रेस ने 2000 के दशक की शुरुआत मे΄ पर΄परा को तोड़ा था।
