
अम्बिकापुर 09 फ रवरी 2022(घटती-घटना)। एबीवीपी ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय का घेरव कर नारेबाजी की। अधिसूचना, सूचना, सामान्य निर्देश जो सामान्यत: छात्रों के लिए जारी होते हैं उसे विश्वविद्यालय मात्र महाविद्यालय के आधिकारिक ईमेल में भेज कर अपना पल्ला झाड़ लेती है। दूर दराज ग्रामीण अंचल के छात्र विश्वविद्यालय की जानकारी से वंचित रह जाते हैं। छात्रों को जानकारी नहीं मिलने के कारण कई छात्र सत्र 2020-21 के पूरक परीक्षा से फार्म भरने के बाद भी जानकारी के आभाव में परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाए। उक्त विषय पर एबीवीपी मांग करती है कि आगे से आने वाली सभी अधिसूचना विश्वविद्यालय के आधिकारिक वेबसाइट पर अनिवार्यत: जारी किया जाए तथा दैनिक समचार पत्रों के माध्यम से भी निकाला जाय। उक्त मामले पर कुलपति द्वारा आश्वाशन दिया गया कि सभी सूचनाएं वेबसाइट पजारी होंगी। इसी क्रम में दूसरी मांग शारीरिक शिक्षा के लिए संचालित पाठ्यक्रम बीपीईके परीक्षा परिणाम के पूर्णाक में तीनों वर्षो के अंकसूची में भिन्नता हैं जहां प्रथम वर्ष में पूर्णाक 1050 अंकित है जबकि वहीं पूर्णाक आगे चलकर तृतीय वर्ष के अंकसूची में 1100 हो गया है। ऐसा किसी एक छात्र के साथ नहीं बल्कि समस्त छात्रों के साथ हुआ है इस समस्या पर एबीवीपी ने त्वरित से समाधन की मांग की। इस मुद्दे पे कुलपति ने कहा की इस समस्या का समाधान चंद कुछ दिवसों में करेंगे।इस दौरान विभाग संगठन मंत्री मनीष पुनाचा, विभाग छात्रा प्रमुख वर्षा गुप्ता, जिला संयोजक सूर्यकांत सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विवेक तिवारी, नगर मंत्री अविनाश मण्डल, नगर मंत्री उदयपुर सोमारू यादव,लखनपुर नगर मंत्री संस्कार पांडेय,नगर सह मंत्री मुस्कान सिंग,यशराज सिंग,पिंटू पांडेय,आनन्द यादव,गोपाल सिंह, राहुल, अभिषेक कुशवाहा, आर्यन गुप्ता,अभिषेक गुप्ता,राज गर्ग , गोपाल पैकरा शाामि रहे।
अभाविप ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
तीसरी मांग सत्र 2019-20 में बीएड प्रथम वर्ष की अंकसूची की मूलप्रति आजतक छात्रों को उपलब्ध नहीं हो पाई तथा पीजी कालेज में भी बीएससी प्रथम वर्ष गणित संकाय के छात्रों की अंकसूची की मूलप्रति भी छात्रों को उपलब्ध नहीं हुई है। एबीवीपी यहां माँग करती है कि जल्द से जल्द उनको अंकसूची की मूलप्रति उपलब्ध कराएं। इस मांग पर कुलपति द्वारा 1 सप्ताह के अंदर सभी को उपलब्ध कराने की बात कही है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी छात्रों के लिए सहायता नम्बर ज्यादातर समय में बंद रहता है। जारी तीन छात्र सहायता नम्बर में 2 दो नम्बर बंद रहते एक नम्बर के भरोसे 75 हजार छात्रों की समस्या का कैसे समाधान होगा। वहीं विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2020-21 जारी मुख्य परीक्षा परिणाम को आये हुए छ: महीने अधिक का समय होने वाला है लेकिन अभी काफी परीक्षा परिणाम रोके गए हैं जिसके कारण कई छात्र पूरक परीक्षा से वंचित हो गए हैं इस पर भी विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा एबीवीपी को आश्वासन किया गया की इस समस्या का समाधान भी यथासंभव करेंगे। एबीवीपी सरगुजा के विभाग संयोजक निखिल मराबी ने कहा छात्रों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उग्र आंदोलन करेगी तथा विश्वविद्यालय प्रशासन होगी।