बिलासपुर , 19 जनवरी 2022 (ए)। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत वन टाइम रिलैक्सेशन की नीति के तहत शिक्षक संवर्ग की प्रधान पाठक के पद में पदोन्नति की प्रक्रिया जारी है। जिसमे आरक्षण रोस्टर का पालन होता नही दिख रहा जिसे लेकर शिक्षको की इस पदोन्नति के पद में आरक्षण की मांग को लेकर मुस्लिम संघ, गुरूघासीदास शोध संस्थान,सोशल जस्टिस लीगल फाउंडेशन ,अधिकारी कर्मचारी संघ सहित दो दर्जन से अधिक आरक्षण के दायरे में आने वाले संघो ने समन्वय समिति के बैनर तले आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।छह चरणों वाले इस आंदोलन में मांगे नहीं मांगे जाने पर चौथे चरण में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को महासंघ और सामाजिक संगठनों के द्वारा प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालय में ध्वजा रोहण संविधान की शपथ के साथ समस्त मंत्रियो,जन प्रतिनिधियों का पुतला दहन की बात कही गई है।
जानकारी देते हए महासंघ के प्रमुख सुरेश दिवाकर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग लगभग 40 हजार पदों पर शिक्षको को पदोन्नति किया जा रहा है जिसमें सहायक शिक्षक से शिक्षक और प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के साथ शिक्षक से व्याख्याता और मिडिल स्कूल प्रधान पाठक के पदों पर पदोन्नति किया जा रहा है जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है जिससे शिक्षक एल बी संवर्ग काफी आक्रोशित है इसी मुद्दे को लेकर आज दिनांक 17 जनवरी दिन सोमवार को प्रदेश के आरक्षित वर्ग के समस्त सामाजिक और अधिकारी,कर्मचारी संगठनों का अतिआवश्यक बैठक सम्पन्न हुआ जिसमें जिसमें सर्वसम्मति से राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे बिना आरक्षण प्रधान पाठक भर्ती प्रक्रिया का विरोध किए जाने का निर्णय लिया गया इसके लिए बकायदा चरणबद्ध आंदोलन करने का प्रस्ताव पास किया गया
