कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए स्कूलों को बंद करने की लगातार बढ़ी रही मांग
अंबिकापुर 08 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। जिले में कोरोना संक्रमण की दर 4 प्रतिशत से ऊपर न बढऩे देने के लिए जिला प्रशासन ने सचेत होकर तमाम उपाय शुरू कर दिया है। व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालकां व अस्पताल संचालकों से सहयोग की अपील के साथ ही अन्य तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कलेक्टर संजीव कुमार झा द्वारा अम्बिकापुर के साथ ही उदयपुर एवं सीतापुर राजस्व अनुभाग में भी निगरानी दल गठित कर निरंतर जांच अभियान चलाकर लोगों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने समझाईश देने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमण को रोकने के लिए जांच अभियान जोरों पर चलाया जा रहा है। मास्क चेकिंग हर चोक-चौरहों पर की जा रही है। वहीं कोरोना की तीसरी लहर का असर अब दिखने लगा है। एक तरह जहां संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। वहीं स्कूली विद्यार्थी भी काफी संख्या में प्रभावित हो रहे हंै। जबकि ज्यादातर छात्र-छात्राएं स्कूलों में मास्क लगाए बिना नजर आ रहे हैं। ऐसे संक्रमण का खतरा और भी बढ़ गया है।
सरगुजा जिले में कोरोना की तिसरी लहर का असर अब दिखने लगा है। रोजाना 50 से ऊपर संक्रमित मरीज मिल रहे है। एक्टिव केश की बात करे तो जिले भर में लगभग 200 से ज्यादा एक्टिव केश है। जबकि शहरी क्षेत्र में संक्रमण की रफ्तार में तेजी देखने को मिल रही है। नगर निगम क्षेत्र के लगभग सभी वार्डों में कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए है। शहर के कई इलाकों में माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाया गया है। हर आयु वर्ग के लोग तीसरी लहर की चपेट में आ रहे हंै। जबकि बच्चों और स्कूली छात्रों में भी इस बार संक्रमण का दायरा तेजी से फैल रहा है। अंबिकापुर की बात करें तो कई स्कूलों में अध्ययनरत छात्र- छात्राएं संक्रमित हो चुके हैं। यही नहीं छात्रावास में भी रह रहे कई लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसके पीछे की वजह यह मानी जा रही है कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या ज्यादा होने की वजह से बच्चे कोरोना संक्रमण से प्रभावित हो रहे हंै। स्कूल में जाने अनजाने कई छात्र कोविड नियमों का पालन नही कर पाते है। जिस वजह से छात्रों के बीच संक्रमण का दायरा तेजी से फैल रहा है। इधर स्कूली छात्र छात्राओं में संक्रमण फैलने की वजह से अब स्कूलों को बंद करने की मांग उठने लगी।
राजमोहनी भवन में होगी कोरोना की जांच
अंबिकापुर शहरी क्षेत्र में कोरोना की जांच के लिए दो जगोह पर केंद्र खोले गए थे। एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल और दूसरा शहरी स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में। लेकिन अब लोगों की सुविधा को देखते हैं शहरी स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में जांच सेंटर को बंद कर राजमोहनी भवन में कोरोन जांच केंद्र की शुरुआत की गई है। दरअसल जिला सैंपल प्रभारी नवीन सिंह ने बताया कि शहरी स्वास्थ्य केंद्र नवापारा जांच केंद्र के अलावा वैक्सीनेशन सेंटर का भी संचालन हो रहा था। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इधर कोरोना संक्रमण का दायरा बढऩे की वजह से जांच केंद्र पर भी दबाव बढ़ता जा रहा था। जबकि नवापारा सामुदायिक केंद्र में लोगों की भीड़ भी बढ़ रही थी। इसे देखते हुए नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित हो रहे हैं जांच केंद्र को बंद कर राजमोहनी भवन में कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने का कार्य शुरू किया गया है। वही अब इस नई व्यवस्था के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं राजमोहनी भवन में कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध है।
विदेश यात्रा लोटो व्यक्ति कोरोना संक्रमित
विदेश यात्रा कर अंबिकापुर लौटा एक व्यक्ति कोरोना से संक्रमित पाया गया है। जानकारी के मुताबिक महावीर वार्ड निवासी एक परिवार सप्ताह भर पूर्व कैनेडा से अंबिकापुर आया था। वहीं जब 2 दिन पूर्व परिवार के सभी सदस्यों का सैंपल लेकर कोरोना जांच की गई तो इनमें से एक व्यक्ति कोरोना से संक्रमित पाया गया। इधर विदेश की यात्रा कर अंबिकापुर आये व्यक्ति के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं अब स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना के वेरियंट का पता लगाने के लिए संक्रमित व्यक्ति का सैंपल लेकर जीनोम सिम्ेसिंग जांच के लिए हैदराबाद के वायरोलॉजी लैब भेजने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि अंबिकापुर में यह पहला मामला है जब कोई नागरिक विदेश की यात्रा कर शहर आने के बाद कोरोना से संक्रमित पाया गया है।
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने गांव-गांव में निगरानी दल सक्रिय
कोविड 19 एवं इसके नए वेरियंट ओमिक्रॉन के नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर गांव में निगरानी दल गठित कर सक्रिय कर दिया गया है। निगरानी दल होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के लिए दवाई एवं जांचए कंटेन्मेंट जोन की निगरानी तथा बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर भी नजर रखेंगे। जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा विकासखण्ड स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित कर 24 घंटे में लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। यहां से पूरे जनपद के गांवों की मॉनिटरिंग की जाएगी। प्रतिदिन प्रत्येक गांव से रिपोर्ट ली जाएगी। गांव में किसी मरीज को कोई। समस्या हो या अन्य कोई समस्या हो तो इसकी तत्काल सूचना ग्रामीण निगरानी दल द्वारा विकासखण्ड स्तरीय कंट्रोल रूम को दी जाएगी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी इसी प्रकार विकासखण्ड स्तर पर मॉनिटरिंग रूम तथा गांवों में निगरानी दल गठित की गई थी जिसका अच्छा प्रतिसाद रहा था। निगरानी दलों द्वारा होम आइसोलेशन के मरीजों तथा कंटेन्मेंट जोन की निगरानी बखूबी की गई थी।
महापौर ने भी की स्कूलों को बंद करने की मांग

अंबिकापुर नगर निगम के मेयर डॉ अजय तिर्की ने भी शुक्रवार को वर्चुवल माध्यम से हुई कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव एवं प्रभारी मंत्री शिव डेहरिया से स्कूली छात्रों में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए स्कूलों को बंद करने की मांग की है। यही नहीं मेयर अजय तिर्की ने प्रशासन पर भी सवाल खड़ा किया उन्होंने ने कहा कि यही जिला प्रशासन सरकार को वास्तविक रिपोर्ट भेजे तो सरकार अंबिकापुर में उत्पन्न हो रहे स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद करने का निर्णय ले सकती है। मेयर अजय तिर्की ने कहा कि प्रदेशभर में कोरोना की पॉजिटिव रेट 3 प्रतिशत तक पहुंच गई है वहीं अब 4 प्रतिशत तक पहुंचने में समय नहीं लगेगा। बहरहाल जिस तरस से लगातार अंबिकापुर में छात्र छात्राएं कोरोना की चपटे में आ रहे है। ऐसे में छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को बंद कर ऑनलाइन क्लास लेना बेहतर होगा, जिसका उदहारण सेंट्रल स्कूल ने पेश किया। गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए सेंट्रल स्कूल प्रबंधन ने स्कूल को बंद कर ऑनलाइन क्लासेस शुरु कर दिया है।