दायर याचिका पर आज होगी सुनवाई
नई दिल्ली 06 जनवरी 2022( ए )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला अब सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा है। पंजाब के मौजूदा हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सुरक्षा व्यवस्था के उच्चतम मानक अनिवार्य थे। प्रोटोकॉल के मुताबिक, मुख्य सचिव या डीजीपी की कार को पीएम के काफिले में शामिल होना अनिवार्य है। हालांकि न तो सीएस और न ही डीजीपी या उनके प्रतिनिधि पीएम के काफिले में शामिल हुए। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में यह बात कही गई है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक लॉयर्स वॉयस की याचिका में कहा गया है कि सुरक्षा चूक स्पष्ट रूप से जानबूझकर की गई थी। साथ ही यह राष्ट्रीय सुरक्षा और पंजाब की वर्तमान सरकार की भूमिका के बारे में एक गंभीर सवाल उठाती है।
मनिंदर सिंह ने दायर किया है जनहित याचिका
वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री फिरोजपुर में एक सभा को संबोधित करने वाले थे, लेकिन उनकी सुरक्षा में चूक हो गई। उन्होंने कहा, पंजाब के हालात को देखते हुए चूक की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न पैदा हो। वहीं सीजेआई के नेतृत्व वाली पीठ ने मनिंदर सिंह से पूछा कि आप अदालत से क्या उम्मीद कर रहे हैं और क्या कथित सुरक्षा चूक भटिंडा या फिरोजपुर में हुई? इसके जवाब में सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार के कारण प्रधानमंत्री सड़क पर फंसे रहे। यह पंजाब सरकार की एक गंभीर चूक थी। राज्य में राजनीतिक स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए। सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हेमा कोहली की बेंच ने मनिंदर सिंह से पंजाब सरकार को याचिका की एक प्रति देने के लिए कहा और इसे शुक्रवार को सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर याचिका में भटिंडा में पीएम के काफिले को रोकने में सुरक्षा उल्लंघन की गहन जांच की मांग की गई है। साथ ही भटिंडा जिला न्यायाधीश को पीएम की यात्रा के लिए पुलिस बंदोबस्त से संबंधित सभी सबूतों को अपने कब्जे में लेने का निर्देश देने की मांग की गई है।
पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक पर मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार ने की पूजा
पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के एक दिन बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने यहां एक मंदिर मेहर कालीबाड़ी में पूजा की और मोदी की लंबी उम्र तथा अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की।
पूजा करने के बाद देब ने ट्वीट किया, ”भगवान शिव हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी बुरी ताकतों से रक्षा करें और उन्हें ‘आरोग्य जीवन’ प्रदान करें।” एक अलग ट्वीट में मुख्यमंत्री देब ने सुरक्षा चूक रोकने में विफलता के लिए पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ”मैं पंजाब सरकार के कृत्यों की कड़ी निंदा करता हूं जिसने लोकतांत्रिक सिद्धांतों को प्रभावित किया है और एक गलत संदेश दिया है। राज्य सरकार के अधिकारियों को पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री के रास्ते में जाने की अनुमति दी गई। यह बेहद चिंताजनक है क्योंकि यह मामला प्रधानमंत्री की सुरक्षा से संबंधित है।’त्रिपुरा में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा चूक के विरोध में बृहस्पतिवार को राज्य के सभी आठ जिलों और 23 उप-मंडलों में मशाल रैलियां आयोजित कीं। देब ने शाम में अगरतला में भाजपा के प्रदेश कार्यालय से शुरू हुई राज्य स्तरीय रैली का नेतृत्व किया, जो राजधानी शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरी, जबकि पार्टी के अन्य नेताओं ने जिला और उप-मंडल स्तर पर रैलियों का नेतृत्व किया। भाजपा की त्रिपुरा इकाई के प्रवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती ने इस घटना के लिए पंजाब में सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस को ‘जिम्मेदार’ ठहराया और कहा कि यह ‘लोकतंत्र के लिए हानिकारक’ है।
