रवि सिंह –
बैकुण्ठपुर 24 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। कोरिया जिले की बैकुंठपुर नगरपालिका चुनाव में वार्ड क्रमांक 06 से शैलेश शिवहरे की हार का ठीकरा अब भाजपा के ही वरिष्ठ पदाधिकारियों पर मढ़ा जा रहा है और यह आरोप लगातार सोशल मीडिया पर शैलेश शिवहरे समर्थक लगा रहें हैं जिससे अब यह कहीं न कहीं सही भी लगने लगा है कि शैलेश शिवहरे की हार के पीछे हो न हो भितरघात भी एक वजह है जिसकी वजह से उनकी हार हुई। बैकुंठपुर के शैलेश शिवहरे समर्थकों के सोशल मीडिया पोस्ट को अगर ध्यान से देखें तो यही साबित भी हो रहा है कि शैलेश शिवहरे के बढ़ते कद से परेशान होकर भाजपा ने ही उनकी हार तय करने की जुगत लगाई और उसमें वह सफल भी हो गए।
शैलेश शिवहरे के बढ़ते कद से दिक्कत महसूस कर रहे थे भाजपाई
जैसा कि सोशल मीडिया की पोस्टों से भी समझ मे आ रहा है कई बैकुंठपुर के ही भाजपाई शैलेश शिवहरे के बढ़ते कद से खुद को बौना समझने लगे थे और उन्होंने अपने कद को बड़ा करने शैलेश शिवहरे की हार तय करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उसमें वह सफल भी हुए।
देवेंद्र तिवारी पर भी लगा आरोप
पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र तिवारी को भी शैलेश शिवहरे के चुनाव में हार तय करने का दोषी बताया गया है,सोशल मीडिया में देवेंद्र तिवारी पर साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने शैलेश शिवहरे के लिए हार के मार्ग प्रशस्त किये।
भाजपा जिलाध्यक्ष की नैतिकता पर भी उठे सवाल
सोशल मीडिया पर भाजपा जिलाध्यक्ष के नैतिकता पर भी सवाल उठ रहे हैं और उन्हें हार की सम्पूर्ण जिम्मेदारी लेकर स्तीफा देने की मांग अब भाजपा कार्यकर्ता कर रहें हैं,वैसे भी भाजपा जिलाध्यक्ष गुटबाजी में व्यस्त रहते हैं और खुद को विधानसभा प्रत्यासी साबित करना चाहते हैं इसलिए भी उन्होंने चुनाव में ज्यादा मेहनत नहीं कि यह भी कुछ लोगों का कहना है।
शैलेश शिवहरे का कद छोटा करने एक परिवार पर भी लग रहे आरोप
शैलेश शिवहरे की हार तय करने में एक परिवार विशेष की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बताया जा रहा है कि एक परिवार जो भाजपा सहित कांग्रेस के साथ सामंजस्य बनाकर चलने में आरंभ से ही माहिर है उसने शैलेश शिवहरे को केवल इसलिए पराजित करने का हर संभव प्रयास किया क्योंकि उनका जारी व्यव्साय जारी रहे और उनकी भाजपा में भी पूछ परख कायम रह सके जो शैलेश शिवहरे की जीत के बाद संभव नही था।
शैलेश शिवहरे की हार भाजपा के विधानसभा प्रत्याशियो के लिए जीत जैसा
वहीं बताया यह भी जा रहा है कि शैलेश शिवहरे की हार को लेकर भाजपा खेमे में उन नेताओं के अंदर जश्न का माहौल है जो विधानसभा में खुद को प्रत्यासी देखना चाहते हैं जिसमें कई नाम हैं वैसे जिलाध्यक्ष का भी नाम दबी जुबान से लोग इन नामों में शामिल कर रहें हैं।
भाजपा का युवा ब्रिगेड भी बना हार का कारण
शैलेश शिवहरे की हार की बात हो या पूरे नगरीय निकाय चुनाव में हार की,भाजपा का युवा ब्रिगेड पूरी तरह असफल हुआ,अपने दम्भ और अपनी हीरोपंती में भाजपा का युवा कार्यकर्त्ता भाजपा के हार का कारण बना यह भी एक कारण हार का बताया जा रहा है। वैसे बताया जा रहा है कि भाजपा के ही एक बड़े नेता के दम पर खुद को बड़ा नेतृत्व बताने वाले एक युवा नेता भी हार के सबसे बड़े कारण हैं क्योंकि केवल उनकी सोशल मीडिया में स्वयं से की जा रही अपनी बड़ाई से अब लोग ऊब चुके हैं।