अम्बिकापुर@घरवालों की प्रताड़ना से तंग आकर दंपत्ति ने की थी आत्महत्या,भाई व माता पिता पर जुर्म दर्ज

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अम्बिकापुर 18 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। शहर के बरेजपारा निवासी एक संभ्रांत परिवार के युवक व उसकी पत्नी की लाश 15 दिन पूर्व घर में ही अलग-अलग कमरे में फांसी पर लटकी मिली थी। भाई की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी ली। पुलिस ने कमरे से सुसाइड नोट भी जब्त किया था। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में गवाहों के बयान, दस्तावेज व सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने 15 दिन बाद हैरान करने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने मृतक के माता-पिता व 3 भाइयों के खिलाफ प्रताडि़त करने का मामला पाया। पुलिस ने बताया कि शादी के 15 साल से भी अधिक बीत जाने के बाद संतान नहीं होने के कारण बहू को बांझ कहते थे। इससे पति-पत्नी परेशान थे। इस मामले में पुलिस ने मृतक के भाइयों व माता-पिता के खिलाफ धारा 306 व 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। शहर के बरेजपारा निवासी विवेक गुप्ता पिता रामचंद्र गुप्ता 43 वर्ष रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में सेल्स मैनेजर था। वह अपने मकान में दूसरे मंजिल पर पत्नी श्वेता गुप्ता 40 वर्ष के साथ रहता था, जबकि ऊपर के मंजिल पर उनका भाई विकास गुप्ता परिवार के साथ रहता था। विवेक गुप्ता का मकान 30 नवंबर की रात से बंद था। 3 दिसंबर तक जब दरवाजा नहीं खुला और भीतर से कोई हलचल नहीं हुई तो भाई विकास ने इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। किसी अनहोनी की आशंका से पुलिस दरवाजा तोड़कर भीतर घुसी तो नजारा हैरान करने वाला था। विवेक गुप्ता का शव बेडरूम में फंदे पर झूल रहा था, जबकि उनकी पत्नी श्वेता का शव किचन में फांसी पर लटका पाया गया। पुलिस ने जब कमरे की तलाशी ली तो वहां एक सुसाइड नोट मिला था, जिसे पुलिस ने जब्त किया था। इस दौरान यह बात सामने आई थी कि दोनों अपनी मौत के जिम्मेदार स्वयं हैं। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस की जांच में पता चला कि शादी के 15 साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी दंपति का कोई संतान नहीं था। इसलिए मृतक के भाइयों व माता-पिता द्वारा बहू श्वेता को बांझ कहकर प्रताडि़त किया जाता था। कोई संतान नहीं होने के कारण वे संपत्ति में हिस्सा भी नहीं देना चाह रहे थे। इस बात से दंपती काफी परेशान था। बांझ कहकर प्रताडि़त करने व संपत्ति में हिस्सा नहीं देने की बात कहने से पति-पत्नी परेशान रहते थे। प्रताडऩा से तंग आकर ही उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने भाई विकास गुप्ता, विषेक गुप्ता, विशाल गुप्ता, पिता राममचन्द्र गुप्ता व मां चिन्ता देवी के खिलाफ धारा 306 व 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।


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