अम्बिकापुर 16 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। राजमोहिनी देवी भवन में गुरुवार को घरेलू हिंसा के बचाव में युवा, समाज और पुलिस की भूमिका पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विजन समाज सेवी संस्था द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की आयोजक शिल्पा पांडेय थीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने कहा कि यह सच है कि पुरूषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा सहनशील होतीं हैं, जिसका फायदा उठाकर लोग उन पर अत्याचार करते हैं। महिलाओं के अपने अधिकार हंै। उन्हें अपनी जिन्दगी अपने तरीके से जीने का पूरा अधिकार है। महिलाओं के प्रति सामाज में नए वैचारिक परिवर्तन की जरूरत है। अगर किसी के साथ घरेलू हिंसा हो रही है तो इसकी शिकायत पुलिस व सामाजिक संस्थाओं के पास करें। पुलिस हर संभव मदद करेगी।समाजसेवी वंदना दत्ता ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और महिलाओं को इस सामाजिक बुराई के बारे में बारीकी से जानकारी दी और घरेली हिंसा रोकने व अपने अधिकारों के बारे में बताया। शिल्पा पांडेय ने कहा कि यह नई शुरूआत है। स्वतंत्रता के लिए आवाज सब को उठानी होगी। हाथ से हाथ मिलाकर ही हम सब कुरीतियों को बदल सकते हैं। अधिवक्ता संजय अंबष्ट ने घरेलू हिंसा अधिनियम की बारीकियों को बताया। उन्होंने कहा कि सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराई का जिस तरह अंत हुआ है, उसी तरह एक दिन घरेलू हिंसा भी हम सब की एकजुटता से खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि घरेलू हिसा को दबाने की जरूरत नहीं है। अगर किसी भी पीडि़त के साथ घरेलू हिंसा हो रहा है तो आस पास के लोगों को भी इस कानून के बारे में जानकारी होनी चाहिए और उसे आगे आकर मदद करनी चाहिए, तभी एक स्वच्छ समाज का निर्माण होगा।

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