प्रदेश के बीजेपी नेताओं पर हंटर चलाते हैं ऊपर के नेता : भूपेश
रायपुर,15 दिसम्बर 2021 (ए)। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। इधर सदन की कार्यवाही का भाजपा के सदस्यों द्वारा बहिष्कार किये जाने के बाद उनकी अनुपस्थिति में राज्य सरकार ने सभी संशोधित विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिए।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 5 बैठकें आहूत थी,लेकिन दो दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। पहले दिन दिवंगतों को श्रद्धांजलि एवं दूसरे व तीसरे दिन सदन की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। सत्र के दूसरे दिन भाजपा सदस्यों ने पीएम आवास योजना को लेकर सरकार को घेरा। सदन में भाजपा के हंगामे के बाद कारवाही को स्थगित करना पड़ा। वहीं तीसरे दिन भी प्रश्नकाल के दौरान चिटफंड, धन उपार्जन और रेडी टू ईट मामले में भाजपा ने राज्य सरकार पर ताबड़तोड़ आरोपों की झड़ी लगा दी। लेकिन सरकार की ओर से भी संबंधित विभागीय मंत्रियों ने विपक्ष को माकूल जवाब दिया।
तीसरे दिन सदन में दो बार भाजपा के सदस्य गर्भगृह में प्रवेश कर गए जिसके बाद निलंबित भी हुए। भाजपा ने रेडी टू ईट मामले आसंदी से स्थगन स्वीकार करने का आग्रह किया। जिसे स्वीकार करते हुए सदन में चर्चा भी शुरू हुई।
रेडी टू ईट मामले में महिला स्व सहायता समुह की महिलाओं को बेरोजगार करने का मसला गरमाया। दरअसल राज्य सरकार रेडी टू ईट का निर्माण बीज विकास निगम के मार्फत करवाने का निर्णय लिया। जिसे भाजपा गलत ठहरा रही है। भाजपा का कहना है कि प्रदेश में समुह में कार्यरत करीब 20 हजार महिलाएं इस निर्णय से बेरोजगार हो जाएंगी। विपक्ष के आरोप का जवाब राज्य सरकार ने दिया जिसमें कहा गया कि बीज विकास निगम को निर्माण का अधिकार देने के बाद भी समुह की महिलाओं को रोजगार से नहीं निकला जायेगा। उन्हें जस के तस वितरण के कार्य में ही रखा जायेगा। बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने यह निर्णय लिया गया है। स्थगन के दौरान पक्ष और विपक्ष में जमकर नोक झोंक जारी रही। आखिरकार भाजपा के सभी सदयों ने स्थगन के बीच ही सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। जिसके बाद राज्य सरकार ने भाजपा सदस्यों की गैरमौजूदगी में सभी संशोधित विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिए। आसंदी ने इसके बाद अनिश्चित काल के लिए सत्र का अवसान कर दिया।