महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय खड़गवाँ के फर्जीवाड़े में जांच व कार्यवाही कब?

Share

राजेंद्र शर्मा-

खडगवाँ 11 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। खडगवा विकास खंड के महिला बाल विकास परियोजना में नित नये कारनामे निकल कर सामने आते है शिकायते भी खूब होती है पर कार्यवाही शून्य रहती है यही वजह है की फर्जीवाड़े का खेल नहीं थम रहा है और इनकी लिखित शिकायत भी होती रहती है सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी मे आगनबाड़ी केन्द्रों के लिपाई पोताई मे पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार किया गया है यह आगनबाडी केंद्रों की लिपाई पोताई का कार्य पंद्रह लाख रूपये की लागत का था जिसमें 250 की संख्या में आगनबाडी केंद्रो की लिपाई पोताई करना था और एक आगनबाडी केंद्र का खर्च 6000 रूपये का था राज्य शासन के द्रारा जारी आदेश मे लेख है कि आगनबाडी केंन्द्रों के अंदर और बाहर की लिपाई पोताई किये जाने के लिए राशि जारी कि गई है पर परियोजना अधिकारी के द्वारा इस लिपाई पोताई की राशि का बंदरबांट करने में कोई कसर नहीं छोडी है इस परियोजना अधिकारी ने कोरोना काल में जब पूर्ण रूप से 21/3/2020 को पूरा भारत बंद था 21 दिनों का लाकडाउन किया गया था उस दौरान पूरा भारत बंद के होने के बाद भी लाकडाउन के दौरान दस दस आगनबाडी केंद्रों की लिपाई पोताई का आदेश जारी कर दिया गया।
ऐसा तब किया गया जब केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी को घर में कैद कर दिया था, कोई भी आयोजन या बैठक की अनुमति नहीं थी किसी को भी कहीं जाने की अनुमति नहीं थी, ऐसे वैश्विक महामारी में भी आपदा में लोगों ने अवसर खोज ऐसे कृत्य किए जो समझ के परे हैं और भ्रष्टाचार के श्रेणी में आता है जब अनुमति नहीं थी तब परियोजना सतरीय समिति की बैठक का भी आयोजन लाकडाउन के दौरान दिनांक 24/3/2020 को किया गया और दिनांक 7/4/2020 को पोताई का आदेश देकर उसी दिनांक 7/4/2020 को 49 लोगों से अनुमति मे हस्ताक्षर भी करा लिए, जबकि किसी भी व्यक्ति को घर से बाहर निकलने और आने जाने की अनुमति नहीं थी हर चौक चौराहे पर पुलिस तैनात थी उसके बाद भी इस प्रभारी परियोजना अधिकारी के द्रारा समिति के बाहरी सदस्यों को बुलाकर बैठक कर ली गई, क्या लाकडाउन मे इस परियोजना अधिकारी को प्रशासन ने विशेष छूट दे रखी थी? क्या जो इनके द्रारा कार्यालय में लोगों को बुलाकर बैठक की और पेंटरो को अनुमति आदेश दिया गया ये भी एक जाच किए जाने योग्य है?

आगनबाडी केंद्र खुले नहीं तो अन्दर कैसे हुई लिपाई पोताई

इस परियोजना में लाकडाउन के दौरान ही आगनबाडी केंद्रों की लिपाई पोताई का कार्य ही क्यों कराया गया जबकि लाकडाउन होने के कारण कोई भी आगनबाडी केंद्र खुले ही नहीं थे इस खडगवा परियोजना में 250 आगनबाडी केंन्द्रों मे से एक भी आगनबाडी केंद्रों की अंदर पोताई नहीं कि गई है, यहां तक कि परियोजना सतरीय समिति के सदस्यों के आगनबाडी केंद्रों की भीतरी पोताई नहीं हुई है तो और अन्य जगहों की क्या सथिति होगी ये खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है इस परियोजना की ज्यादातर आगनबाडी केंद्रों की बाहर की पोताई सिर्फ सामने कि दिवार को ही किया गया है।

यह-यह हुई शिकयात पर कार्यवाही का इंतजार

इसकी शिकायत मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन महिला बाल विकास मंत्री, महिला बाल विकास सचिव छत्तीसगढ़ शासन रायपुर, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, कलेक्टर कोरिया से लिखित में शिकायत किए लगभग आठ से दस माह हो गये जिसकी जांच आज तक पूरी नहीं हुई और ना ही किसी प्रकार की कोई कार्रवाई हुई शासन के लाखों रूपए का फ़र्ज¸ीवाडा किया गया है।

आगनबाडी केंद्र की लिपाई पोताई के कार्य में यह थी खामिया

खामिया न. 1- आगनबाडी केंद्रों की लिपाई पोताई के लिए विभाग के द्रारा स्थनीय पेंटरो के आवेदन तो परियोजना खडगवा मे लिया गया पर कार्य का आदेश चिरमिरी के पेंटरो को दिया गया, स्थनीय पेंटरो मे महज दो पेंटरो को कार्य दिया गया।
खामिया न. 2- संचालनालय के अनुसार उपरोक्त राशि व्यय के संबंध में निदेर्शों का पालन किया करने की बात कही गई थी, जिसमे उल्लेख था की यदि कोई भवन जर्जर हैं तो ऐसे भवनों पर यह राशि व्यय न किया करना है आदेशो की अवेहलना करते हुए जर्जर आगनबाडी केंद्रों मे राशि व्यय कर दी गई।
खामिया न. 3- आदेश की कंडिका 7 के अनुसार राशी का अग्रिम आहरण नहीं किया जाना था और कार्य एक माह में पूर्ण करना था, यदि राशि 31 मार्च 2020 तक व्यय नहीं कि जाती हैं तो राशि प्रत्याहारित करते हुए युक्तियुक्त कार्य वाही किया जायेगा जो प्रभारी परियोजना अधिकारी के द्वारा शासन के निदेर्शों को दर किनार कर मनमाने तरीके से पेंटरो को अप्रैल में पोताई का आदेश दिया गया है इस तरह आगनबाडी केंद्रों की गुणवत्ता विहीन लिपाई पोताई कराकर शासन की राशि में धड़ल्ले से भ्रष्टाचार किया गया है। महिला बाल विकास के द्रारा पेंटरो को मनमानी ढंग से कमीशन खोरी के चक्कर में कार्य देकर लिपाई पोताई का काम दे दिया गया है।


Share

Check Also

रायपुर@ भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर डॉ महंत ने गडकरी को लिखी चिट्ठी

Share ्र> सीबीआई जांच की मांग भी की… परियोजना में करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया …

Leave a Reply