-रवि सिंह-
बैकुंठपुर,02 दिसम्बर 2021 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड अंतर्गत पटना क्षेत्र के ग्राम पिपरा स्थित रेत खदान को जिला खनिज विभाग कोरिया ने निरस्त कर दिया है और अब पिपरा रेत खदान से रेत ठेकेदार रेत उत्खनन व रेत परिवहन नहीं कर सकेगा ऐसा आदेश भी जारी कर दिया गया है। पिपरा रेत खदान को मुख्य रेत ठेकेदार ने जैसे ही किया अन्य के हवाले। जिला खनिज विभाग कोरिया द्वारा रेत खदान पिपरा में रेत उत्खनन व रेत परिवहन को प्रतिबंधित करने का आदेश जारी करते हुए इसकी सूचना भी मुख्य लीज धारक रायगढ़ निवासी अविनाश गर्ग सहित अविनाश गर्ग द्वारा घोषित मुख्यतियार आम जिसे लीज धारक ने रेत उत्खनन हेतु अभी हाल में ही अपना अधिकार हस्तांतरण किया था को सूचना प्रेषित कर दी गई है। वहीं निरस्तीकरण की सूचना अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सहित खनिज निरीक्षक को भी भेजकर सूचना दे दी गई है।
अब जिला खनिज विभाग कोरिया के द्वारा जारी निर्देश अनुसार आगामी आदेश पर्यंत तक पिपरा रेत खदान से उत्खनन व परिवहन पर प्रतिबंध बना रहा रहेगा।बता दें कि पिपरा रेत खदान कोरिया जिले कि उन रेत खदानों में से एक थी जहाँ सबसे ज्यादा जन आक्रोश उपज रहा था और रेत मूल्य सहित रेत ठेकेदार व उसके गुर्गों की सबसे ज्यादा मनमानी चलती थी और इस खदान की शिकायत आम लोगों, विपक्षी दलों सहित सत्ताधारी दल के द्वारा भी लगातार की जा रही थी।
युवक कांग्रेस कोरिया की शिकायत पर की गई कार्यवाही या रेत ठेकेदारों की प्रतिस्पर्धा बनी वजह
जिला खनिज विभाग के द्वारा रेत खदान पिपरा का निरस्तीकरण करने के पीछे युवक कांग्रेस कोरिया द्वारा प्रस्तुत शिकायत को कारण बताया गया और निरस्तीकरण के पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया कि निरस्तीकरण के लिए युवक कांग्रेस द्वारा रेत खदान में जारी मनमानी की जांच की गई और जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ही यह कार्यवाही की गई। जबकि यदि सूत्रों की माने तो रेत खदान का निरस्तीकरण रेत ठेकेदारों की आपसी प्रतिस्पर्धी की वजह से की गई और इस पूरे मामले में जिला खनिज विभाग रेत ठेकेदार के इशारे पर केवल उनके ही फायदे के लिए ऐसा करने सामने आया यह भी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिपरा रेत खदान फिलहाल मनेन्द्रगढ़ निवासी व्यक्ति के पास मुख्यतियार आम के आधार पर थी और मुख्य लीज धारक से लेनदेन का विवाद होने पर मुख्य लीज धारक ने खदान दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित करने नया मुख्यतियार आम घोषित कर दिया था और ऐसे में वर्तमान में रेत खदान का संचालन कर रहे मनेन्द्रगढ़ निवासी पूर्व मुख्यतियार आम को या बात सही नहीं लगी और उसने जिला खनिज अधिकारी से मिलीभगत कर युवक कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत माह भर पहले की शिकायत जिसमें रेत मूल्यों और रेत ठेकेदार की मनमानी की शिकायत थी को आधार बनाया और युवक कांग्रेस को श्रेय देने के बहाने पूर्व रेत खदान संचालक की मनचाही इक्षा पूरी कर दी। कुल मिलाकर रेत खदान को निरस्त करने का निर्णय केवल रेत ठेकेदारों की आपसी लेनदेन में विवाद की वजह लिया गया खनिज विभाग कोरिया का निर्णय है और इसके लिए पूर्व संचालक के ही दिशानिर्देश पर कार्यवाही हुई है।
सैकड़ड़ों शिकायतों की बजाए लेनदेन में विवाद बना खदान निरस्त करने की वजह
पिपरा रेत खदान में रेत ठेकेदार की मनमानी और उसके गुर्गों की मनमानी की सैकड़ों शिकायतों के बीच कार्यवाही तब हो सकी जब मामला ठेकेदारों के बीच ही लेनदेन का फंसा, खनिज विभाग कोरिया ने जिले के रेट ठेकेदार के साथ कायम बेहतर आपसी तालमेल की वजह से ठेकेदार का साथ दिया और खदान निरस्त कर आपसी व्यवहार को बखूबी निभाया। जनता जब परेशान थी विपक्ष सहित सत्ताधारी दल के भी लोग जब लगातार शिकायत कर रहे थे तब कार्यवाही नहीं हुई और ठेकेदार बदलते ही कार्यवाही हुई को लेकर अब चर्चा यह भी है कि खनिज विभाग जिले के आम लोगों की चिंता की बजाय ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने में ही व्यस्त है और उन्हीं के हिसाब से काम करता है। खनिज विभाग में बिना ठेकेदार की मर्जी कोई काम भी नहीं होता।
पिपरा रेत खदान में पीटपास अब कटने हुए बंद
जिला खनिज विभाग कार्यालय से जारी पिपरा रेत खदान निरस्तीकरण की सूचना के बाद से ही अब खदान में पीटपास कटना बंद हो चुका है और अब जबतक नया कोई आदेश नहीं आ जाता रेत का उत्खनन व परिवहन वहां से प्रतिबंधित होगा,केवल शासकीय कार्यों व ग्राम पंचायतों को ही रेत उठाव की मनाही नहीं होगी,जैसा कि बताया जा रहा है।