बैकु΄ठपुर@ब्राह्मण संस्कार सेवा समिति के संरक्षक सदस्यों द्वारा समाज को बांटने की हो रही कोशिशःब्रजनारायण मिश्रा

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ब्राह्मण संस्कार सेवा समिति के संस्थापक सदस्य ने दिया इस्तीफा,कहा संस्कार सेवा समिति गलत दिशा में अग्रसर

बैकु΄ठपुर 29 नवम्बर 2021(घटती-घटना)। ब्राह्मण समाज जिला कोरिया के अध्यक्ष ब्रिजनारायण मिश्रा ने ब्राह्मण संस्कार सेवा समिति द्वारा ब्राह्मण समाज युवा जिलाध्यक्ष की घोषणा करने के निर्णय को समाज हित मे गलत बताते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज की कोरिया जिला इकाई का गठन सभी जिलेभर के ब्राह्मण समाज के वरिष्ठजनों की उपस्थिति में संपन्न हुआ वहीं समाज का पंजीयन भी सभी जिले भर के विप्रजनों की सहमति से ही कराया गया वहीं समाज की पंजीयन उपरांत जिलास्तरीय बैठक में भी जिलेभर के विप्रजनों को सूचना भेजी गई और वहीं सार्वजनिक रूप से भी बैठक की सूचना प्रसारित कराई गई और बैठक शगुन गार्डन खांडा में संपन्न हुई।
समाज की बैठक में युवा जिला परशुराम सेना (युवा इकाई) का भी गठन किया गया और जिला पदाधिकारी सहित संयोजक पद पर भी सभी की सहमति से नियुक्ति जिला बैठक में ही कि गई,अब जिले का ब्राह्मण संस्कार सेवा समिति अलग से युवा ब्राह्मण समाज का गठन व जिलाध्यक्ष का मनोनयन कर रहा है और वह भी ब्राह्मण समाज के नाम व बैनर से जो बिल्कुल गलत है और इसका समाज की तरफ से विरोध है, क्योंकि पूर्व घोषित युवा इकाई जिसे युवा परशुराम सेना के रूप में चुना गया है में भी जिले के ही ब्राह्मण समाज के युवकों को जिम्मेदारी दी गई है और वह भी सभी की सहमति से ब्राह्मण समाज जिलाध्यक्ष ब्रिजनारायण मिश्रा ने ब्राह्मण संस्कार सेवा समिति द्वारा मनोनीत युवा ब्राह्मण समाज जिलाध्यक्ष (युवा परशुराम सेना) के मनोनयन पर सवाल उठाते हुए कहा की पुर्व की घोषित इकाई व जिला स्तरीय पदाधिकारी जिन्हें समाज ने जिम्मेदारी दी है सर्वसम्मति से क्या वह ब्राह्मण नहीं हैं क्या वह अयोग्य हैं क्या उनकी काबलियत पर कोई प्रश्नचिन्ह है यह स्पष्ट किये बगैर नया गठन वह भी पंजीकृत संस्था के नाम व बैनर के सहारे जबकि पंजीकृत संस्था का कोई भी संस्थापक सदस्य न तो मौजूद था और ना ही किसी को बुलाया गया था। जिलाध्यक्ष ब्राह्मण समाज कोरिया ने यह भी कहा की ब्राह्मण संस्कार समिति समाज को जोड़ना चाहती है या प्रतिस्पर्धा आपसी उत्पन्न कर समाज को विखंडित करना चाहती है यह अब संस्कार सेवा समिति को स्पष्ट करना चाहिए।
ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष ने समाज के गठन के विपरीत गठन को बिल्कुल अनैतिक प्रयास बताते हुए यह भी कहा की किसी संगठन का खासकर सामाजिक संगठन का बेहतर गठन और उसका ढांचा तभी मजबूत हो सकता है जब आपसी वैमनस्य के विपरीत जाकर आपसी तालमेल व सामंजस्य से निर्णय लिए जाएं और सभी का निर्णय में अभिमत भी शामिल हो। ब्राह्मण समाज बुद्धजीवी समाज है समाज मे अग्रणी भी है और मार्गदर्शक भी है ऐसे में ब्राह्मण समाज के ही सामाजिक ढांचे में इसतरह का कूटरचना कहीं से शोभनीय नहीं है, उन्होंने यह भी कहा कि समाज का गठन जिला स्तर पर मण्डलवार किया जा चुका है और प्रथम बैठक पंजीयन उपरांत हो भी चुकी है यदि किसी निर्णय पर किसी को आपत्ति है किसी गठन पर कोई विरोध है तो यह सामाजिक बैठक में ही निर्णय लिए जाने का विषय है अलग से गठन करने का कोई मतलब या सार्थकता इसमें नहीं यदि ऐसा ही चलता रहा तो रोज नए गठन होंगे और समाज हित मे गठित मूल संघ सहित सभी अलग अलग होकर बेहतर लक्ष्य तक गठन के उद्देश्य तक नहीं पहुंच सकेगें। ब्राह्मण संस्कार सेवा समिति का गठन जब ब्राह्मण संस्कारों के प्रसार और उसकी संरक्षा उद्देश्य से हुई है तो उन्हें केवल मूल कार्यों के प्रति ही ध्यान देना चाहिए, अलग से स्व महत्वाकांक्षी बनकर सर्व ब्राह्मण समाज का अहित उन्हें कभी नहीं सोचना चाहिए।
ब्रिजनारायण मिश्रा ने यह भी कहा कि जिला ब्राह्मण समाज कोरिया के जिलाध्यक्ष होने के नाते मैं यह मानता हूं कि जिले का सभी ब्राह्मण समाज सदस्य समाजिक संगठन का अंग है और सभी मे अपार योग्यता व गुण है,कोई किसी से कम नहीं और सभी सम्मानीय भी हैं, किसी के मान का हनन या किसी समाज सदस्य के अनहित का विचार समाजिक दायित्व निर्वहन के दौरान भी उनके मन में नही और ऐसे भी उनके मन विचार में ऐसा कभी नहीं आया। समाज मे सभी का हित हो सभी के दुख सुख में समाज की उपस्थिति हो सहयोग के लिए भी और सहयोग की आवश्यकता नहीं होने पर आत्मबल के लिए यही प्रयास सामाजिक संगठनों का होना चाहिए। ब्राह्मण संस्कार सेवा समिति को भी यही विचार लेकर आगे बढ़ना चाहिए जिससे समाज एकजुट रह सके, समाज को विखंडित करने की कोशिशें करते हुए ऊर्जा का अनावश्यक क्षय करने की उन्हें भी आवश्कता महसूस नहीं होनी चाहिए।

संस्कार सेवा समिति के संस्थापक सदस्य ने दिया इस्तीफा

वहीं पूरे मामले में अब समाज मे इस्तीफे का दौर भी चालू हो गया है और ब्राह्मण संस्कार सेवा समिति के संस्थापक सदस्य मनोज कुमार शुक्ला ने संस्कार सेवा समिति से इस्तीफा दे दिया है,वहीं उन्होंने ब्राह्मण समाज जिला कोरिया पर आस्था जताते हुए अपना स्तीफा ब्राह्मण संस्कार सेवा समिति को भेज दिया है।

ब्राह्मण समाज जिला कोरिया में जारी है वर्चस्व की लड़ाई

वहीं पूरे मामले पर ब्राह्मण समाज के ही एक सदस्य ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि समाज मे वर्चस्व की लड़ाई जारी है, समाज महत्वाकांक्षा की लड़ाई आपसी जारी है,समाज एक होने की बजाए टूटने की कगार पर है, श्रेय लेने की होड़ और एक दूसरे को पछाड़ने की होड़ में समाज का हित पीछे छोड़ दिया जा रहा है। समाज एक होकर आगे बढ़ सकेगा अब इसमें संशय है कोई किसी से कम नहीं है सभी की अपनी अपनी जिद है और वही सभी पर थोपने की होड़ मची है। जबकि समाज मे किसी कार्य का श्रेय सभी समाज के लोगों को भेजा जाना चाहिए, यहां तो खुद को ही साबित करने की जल्दबाजी है, जिसका कोई हल भी नहीं है।


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