नई दिल्ली ,28 नवंबर 2021 (ए)। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन की वजह से दुनियाभर में दहशत है। दक्षिण अफ्रीका के बाद कई और देशों में भी बेहद खतरनाक माने जा रहे इस वेरिएंट ने दस्तक दे दी है। इस बीच भारत में भी केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टेस्टिंग, ट्रेसिंग बढ़ाने के साथ ही कंटेनमेंट जोन पर ध्यान देने और वैक्सीन कवरेज में तेजी लाने की सलाह दी है।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे लेटर में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि राज्यों को कोविड हॉटस्पॉट की निगरानी जारी रखनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा है कि एहतियात के तौर पर जिन देशों में यह वेरिएंट पाया गया है, उनकी पहचान कर जोखिम वाले देशों के रूप में कर ली गई है और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अतिरिक्त उपाय अपनाए जाएं। माना जा रहा है कि नया वेरिएंट अधिक तेजी से फैलने और इम्यून सिस्टम को मात देने में सक्षम है। इस वजह से कई देशों ने दोबारा यात्रा प्रतिबंधों जैसे उपायों को अपनाना शुरू कर दिया है। बोत्सवाना, हॉन्ग-कॉन्ग, साउथ अफ्रीका, के अलावा नया वेरिएंट यूके, ऑस्ट्रेलिया, चेक रिपब्लिक, इटली, जर्मनी, इजराइल और नीदरलैंड में पाया जा चुका है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है, यह आवश्यक है कि बीमारी पर निगरानी का नेटवर्क तैयार रहे और सभी देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों खासकर रिस्क कैटिगरी वाले देशों से आने वालों की निगरानी की जाए। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए आने वाले यात्रियों के पिछले यात्रा विवरण को प्राप्त करने लिए पहले से तंत्र मौजूद है। इसकी आपके स्तर से समीक्षा होनी चाहिए और मंत्रालय की ओर से दिए गए प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए, जिसमें जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच शामिल है। पॉजिटिव पाए जाने वाले सैंपल की जिनोम सिम्ेंसिंग की जाए।
कोरोनो के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन को रोकने की रणनीति तैयार
केंद्र की आपात बैठक में गृह मंत्रालय ने लिए अहम फैसले
कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रॉन के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी की ओर से स्थिति की समीक्षा किए जाने के बाद केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में रविवार को आपात बैठक बुलाई गई। गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओमीक्रॉन स्वरूप के मद्देनजर वैश्विक स्थिति की समीक्षा की गई, बचाव उपायों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
गृह मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों, विशेष रूप से जोखिम श्रेणी के रूप में पहचाने गए देशों से आने वालों की जांच, निगरानी पर एसओपी की समीक्षा करेगी। गृह मंत्रालय ने यह भी फैसला किया है कि कोविड-19 के स्वरूप के लिए जीनोम निगरानी को और मजबूत और तेज किया जाएगा।गृह मंत्रालय ने कहा है कि वैश्विक हालात को देखते हुए कमर्शल अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए तय तिथि की फिर समीक्षा की जाएगी। जांच प्रोटोकॉल की सख्त निगरानी के लिए हवाई अड्डे और समुद्री बंदरगाह के स्वास्थ्य अधिकारियों को संवेदनशील बनाया जाएगा। वहीं, देश के भीतर महामारी की उभरती स्थिति पर कड़ी नजर रखने का फैसला किया गया है। सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के चिंताजनक नए स्वरूप ओमीक्रोन को नियंत्रित करने के लिए दुनियाभर में यात्रा पाबंदियों को कड़ा किया जा रहा है।
