कार्यवाही न करने के नाम पर वसूले पैसे…रिर्पोट हुयी…लगा धारा 36 (च)
प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के डर से पकड़े जाने पर देते हैं लोग मुंह मांगे पैसे…मामले में थाना प्रभारी ने कहा…लगाए गए आरोप निराधार
रवि सिंह –
बैकुंठपुर/पटना 27 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। कोरिया जिले में पुलिस अधीक्षक द्वारा मेडिकल नशे के विरुद्ध निजात नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है और इस अभियान को जिला, प्रदेश, देश सहित अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिल रही है और इसका श्रेय पुलिस अधीक्षक कोरिया सहित जिले के पुलिसकर्मियों को भी जा रहा है क्योंकि इस अभियान के आरंभ होने से जहाँ मेडिकल नशे के व्यवसाय पर काफी हद तक जिले में काबू पाया जा चुका है, वहीं इसकी बिक्री सहित इसके उपयोग में भी गिरावट आई है और सैकड़ों लोगों को जो इस नशे का व्यापार करते रंगे हांथों पकड़कर जेल के सलाखों के पीछे भी पुलिस द्वारा भेजा जा चुका है। निजात नशामुक्ति अभियान को लेकर जहां एक तरफ कोरिया जिले के पुलिस अधीक्षक जिले को नशे से निजात दिलाने का प्रयास कर रहें हैं वहीं उनके अभियान की आड़ में कुछ पुलिस थानों में लोगों को परेशान कर पुकिसकर्मी पैसे की उगाही भी कर रहें है यह उगाही ऐसे लोगों को 151 प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का भय दिखाकर की जा रही है जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते जाने पर पकड़े जाने पर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही तो की ही जा रही है ऐसे लोगों से जो सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते पकड़े जा रहें वहीं उन्हें तब तक 151 प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का भय दिखाया जाता है जबतक की वह कुछ राशि प्रदान न कर दे। इस तरह यह पुलिस के लिए उगाही का नया जरिया बन चुका है। इस तरह पुलिसकर्मी ही अब अवैध उगाही कर पुलिस अधीक्षक के एक बड़े समाज उत्थान अभियान पर दाग लगाने का काम कर रहें हैं।
ऐसा ही एक मामला हुआ जहां 22 नवम्बर को सरकारी शराब दुकान से शराब लेकर सार्वजनिक जगह पर सेवन करते हुये पुलिस उन्हें धर दबोचा, काफी मिन्नते और मनुहार के बाद थानेदार के सहमति पर आरक्षक सहित एक एसआई ने पकड़े गये युवा को 151 के तहत कार्यवाही की धमकी दिया और कार्यवाही न करने के एवज में 5 हजार रूपये लेने की बात सामने आरही है। तत्पष्चात मामला रफा दफा हो गया पर आष्चर्य तो तब हुआ जब 26 नवम्बर को पुलिस द्वारा उसे फोन कर कहा गया कि वह बैकुण्ठपुर जा कर फाईन पटा दे। उस व्यक्ति के पास पैसे नहीं थे फिर भी उसने अपने एक मित्र को फोन लगाकर पैसा मांग कर पुलिस वाले को दिया, उस व्यक्ति ने नाम ना बताने की शर्त पर पूरा घटना बतया और कहा कि मेरे ऊपर पहले से ही कुछ मामले हैं यदि मैं इसमें कुछ करूंगा तो पुलिस मुझे और फंसा देगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार 22 नवम्बर को एक एसएसआई के साथ पुलिस स्टॉफ को मुखबीर से सूचना मिली कि ग्राम बरदिया रोड में आम सड़क पर दो व्यक्ति शराब सेवन कर रहें है कि सूचना तस्दीक हेतु गवाह को लेकर मुखबीर द्वारा बताये हुए स्थान बरदिया मेन रोड सार्वजनिक स्थान पर पुलिस पहुची जंहा पर एक व्यक्ति शराब सेवन करते मिला। मौके पर शराब सेवन करने के संबंध में पंचनामा गवाहों के समक्ष तैयार किया गया। उक्त आरोपी का कृत्य धारा 36 (च) (1) आब0 एक्ट का अपराध घटित करना सबूत पाये जाने से आरोपी को दिनांक 22 नवम्बर के 3 के लगभग गिरफ्तार किया गया। तभी धराये शराबी ने पुलिस से काफी मन्नते की और गुहार लगायी की उसे छोड़ दो अब सार्वजनिक जगह पर कभी शराब नहीं सेवन करेगा। सूत्रों की माने तो पुलिस ने उसके साथ सौदा किया और 5 हजार रूपये ऐठ लिये और मरता क्या न करता अपने परिचित को फोन कर थाना बुलाया और पैसे दिलाये पर मजे की बात तो यह रही कि उस पर कार्यवाही के सारे दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर पैसे लेकर उसे छोड दिया गया, 26 नवम्बर को उक्त प्रकरण में उसे फाईन पटाने की नौबत का सामना करना पड़ा। पुलिस यूं ही बदनाम नहीं उसकी कुछ पुलिस वालों के कार्यप्रणाली से पूरे पुलिस समुदाय को बदनामी का दंश झेलना पड़ता है।
एसपी साहब कुछ करें नही तो कुछ पुलिस वाले आपके नशा मुक्त अभियान को बदनाम कर देंगे
कोरिया जिले में चल रहे निजात से नशामुक्ति अभियान से नशा करने वाले शायद सुधरने की दिशा में प्रयास कर रहे हों। पर ताबड़तोड़ कार्यवाही से नशे के सौदागर भी घबराये हुये है। पुलिस कप्तान का समाजहित में उनका ईरादा लोगों को नशा मुक्त करने का भले हो पर उनके निचले पुलिस अमले के कुछ कर्मचारीयों द्वारा अपना लॉबी चलाते हुये नशे के सौदागरों की भरपूर मदद करते है और पुलिस को बदनाम करने वाले कृत्य करने से बाज नहीं आ रहे है। साहब! आप ही बताये क्या पुलिस को सार्वजनिक जगह पर शराब पीने के लिये 151 लगाना सही है? या फिर उसे डराकर पैसे ऐंठना ये भी छोडिऐ पैसे लेकर उस पर कार्यवाही कहां तक सही है? क्योंकि आपने ही क्राईम मीटिंग में कहा था ध्यान रहे कि एक भी व्यक्ति के विरूद्ध गलत कार्यवाही नहीं होनी चाहिए, नशे के विरूद्ध कार्यवाही में करें बढ़ोत्तरी।
कार्यवाही होने के बाद इस प्रकार के आरोप पुलिस पर लगाए ही जाते हैं, जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह सरासर गलत है ऐसा कुछ भी नहीं हुआ कार्यवाही नियम के साथ की गई है।
सौरभ द्विवेदी
थाना प्रभारी पटना