रायपुर, 17 नवम्बर 2021(ए)। छत्तीसगढ़ में सरकारी आदेश के मुताबिक 1 दिसंबर से राज्य के सभी सहकारी समितियों में किसानों से धान खरीदी शुरु की जाएगी। एक और सरकार ने सभी कलेक्टरों को सुव्यवस्थित धान खरीदी के लिए निर्देश दिए हैं तो वहीं जिन पर खरीदी का दारोमदार है वही कर्मचारी आज बीते एक महीने से आंदोलनरत हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर प्रदेश के 2058 सहकारी समिति कर्मचारी 8 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। 5 सूत्रीय मांगों को लेकर नाराज कर्मचारियों ने समितियों में ताला भी लगा दिया है। अब सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल में चले जाने से छत्तीसगढ़ में 1 दिसम्बर से शुरू होने वाले धान खरीदी प्रभावित हो सकती है। वहीं हड़ताल को लेकर किसान भी चिंतित दीहै दे रहे हैं।
सूखत की राशि हो वापस
धान खरीदी में आ रही सूखत की राशि समितियों को वापस दिलाने व परिवहन में देरी से होने के कारण अतिरिक्त खर्चों को समितियों को देने सहित विविध मांगों के समर्थन में सहकारी समिति कर्मचारियों ने बुधवार को अनूठा प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से अर्धनग्न प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ लामबंद हुए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने धरना स्थल पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की बात भी कही।
उग्र प्रदर्शन की दी चेतावनी
कर्मचारियों की माने तो लंबित मांगों पर सरकार का ध्यान कई बार आकृष्ट करवाया गया। पहले भी सहकारी कर्मचारियों की मांग पर शासन के द्वारा आश्वासन दिया गया थे लेकिन 4 माह बीत जाने के बाद भी अब तक 5 सूत्रीय मांगों को दरकिनार किया जा रहा है। इस स्थिति में 8 नवम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करना कर्मचारियों की मजबूरी थी। धान खरीदी में 15 दिन से भी काम समय बचा हुआ लेकिन सरकार के नुमाईंदे आंदोलनरत कर्मचारियों से बात करना भी मुनासिब नहीं समझा। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करती तो आने वाले समय में और अधिक उग्र प्रदर्शन किया जायेगा।
