रायपुर, 16 नवंबर 2021 ( ए)। प्रत्येक वर्ष ’16 नवम्बर’ को ‘राष्ट्रीय प्रेस दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन भारत में एक स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की मौजूदगी का प्रतीक है। विश्व में आज लगभग 50 देशों में प्रेस परिषद या मीडिया परिषद है। भारत में प्रेस को ‘वाचडॉग’ एवं प्रेस परिषद इंडिया को ‘मोरल वाचडॉग’ कहा गया है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस, प्रेस की स्वतंत्रता एवं जिम्मेदारियों की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट करता है।
प्रथम प्रेस आयोग ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा एवं पत्रकारिता में उच्च आदर्श कायम करने के उद्देश्य से एक प्रेस परिषद की कल्पना की थी। ‘राष्ट्रीय प्रेस दिवस’ पत्रकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्वयं को फिर से समर्पित करने का अवसर प्रदान करता है।
उल्लेखनीय है की इस वर्ष 55वां राष्ट्रीय प्रेस दिवस 2021 मनाया जा रहा है। 1966 में भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) की स्थापना को सम्मानित करने और स्वीकार करने के लिए ‘राष्ट्रीय प्रेस दिवस’ मनाया जाता है। यह वह दिन था जब भारतीय प्रेस परिषद ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक नैतिक प्रहरी के रूप में कार्य करना शुरू किया था। प्रेस इस शक्तिशाली माध्यम से अपेक्षित उच्च मानकों को बनाए रखता है। भारतीय प्रेस परिषद का गठन पहली बार 4 जुलाई 1966 को एक स्वायत्त, वैधानिक, अर्ध-न्यायिक निकाय के रूप में किया गया था, जिसके अध्यक्ष न्यायमूर्ति जे.आर.मुधोलकर थे, जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर ट्वीट करते हुए लिखा- आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी साथियों को बधाई एवं शुभकामनाएं। हर सच अपने मूल स्वरूप में जनता तक पहुंचे इसकी जिम्मेदारी प्रेस की है। लोकतंत्र में लोक और तंत्र दोनों की ताकत आप हैं।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने ट्वीट में लिखा- नेशनल प्रेस डे के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी साथियों को बधाई एवं शुभकामनाएं। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का जन से जुड़ी खबरे जनता तक पहुंचाने का नैतिक दायित्व है। हर चुनौतियों में आपने अपने फर्ज को बखूबी निभाया है।
