मनेन्द्रगढ़ 15 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। बच्चों के बिना हमारी खुशियाँ अधूरी हैं, यही वे नन्हे पौधे हैं जो बड़े होकर बरगद बन हमें छांव देंगे, यही नन्ही किरणें एक दिन सूरज बनकर हमारे देश को प्रकाशित करेंगे चेतना महिला संगठन द्वारा आयोजित बाल दिवस के कार्यक्रम में उद्बोधन देते हुए अध्यक्ष, चेतना महिला संगठन अनामिका चक्रवर्ती ने कहा कि हमें सदैव बच्चों को के बाल मन का ध्यान रखते हुए हमेशा उन्हें वैसा वातावरण एवं व्यवहार देना चाहिए जिससे बच्चों में सीखने का उत्साह और कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती रहती है एवं उन्हें सुशिक्षित, संस्कारित करने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि संस्कारित बच्चे ही देश का उज्जवल भविष्य हैं एवं नींव भी यही बच्चे होते हैं देश समाज और मनुष्यता की भी
इस कार्यक्रम में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लगभग 80 बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया ।पेंटिंग,गीत, कविता , भाषण की प्रस्तुति के साथ ही विभिन्न खेलों में हिस्सा लेकर बहुत ही आनंदित और उत्साहित थे ।कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के लिए स्वागत गीत ‘बच्चे मन के सच्चे ,सारे जग के आँख के तारे, ये वो फूल हैं जो भगवान को भी लगते अच्छे’ अल्पना चक्रवर्ती, नीलम सोनी प्रियंका श्रीवास्तव एवं स्मिता सोनी सुप्रिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का शानदार संचालन कुशल वीरांगना श्रीवास्तव ने किया इस अवसर पर अनीता डे ,तुलिका रॉय, मनुपा चक्रवर्ती, सूमा सेन, डॉ रश्मि सोनकर, वीरांगना श्रीवास्तव, सुनीता दीवान, स्मिता सोनी, नीलम सोनी, अल्पना चक्रवर्ती, ज्योति सिंह, कौशल्या,अनामिका चक्रवर्ती ,अल्पना चक्रवर्ती, वीरांगना श्रीवास्तव ,अंजना त्रिपाठी, डॉ रश्मि सोनकर,सुषमा दुबे प्रियंका श्रीवास्तव कमला ,सुप्रिया , पूजा, जया,
,प्रिया राय ,अंकिता, प्रतिमा रॉय ,तुलिका रॉय ,लक्ष्मी चक्रवर्ती ,स्मिता सोनी ,बासोना मुखर्जी गीता वर्मा, हीरा, लीलावती, सुनीता माथुर, संगीता , सुनीता दीवान रामशोभा शिवहरे, सविता, गीता, नीलम सोनी कौशल्या, निधी, रजनी, रमा, भगवती, निर्मला संजू, धनमत, संतोषी,शालू सूमा, सरिता शर्मा, योगिता ,पिंकी ,मीना , साधना, , बरखा, शुभी, आंचल, प्रतिभा परिहार उपस्थित रहीं कार्यक्रम को संपन्न करने और सफल बनाने के लिए मृत्युंजय सोनी , आशुतोष चक्रवर्ती, अक्षय मुखर्जी , अनंतराम , देव बहादुर सिंह(यश टेंट हाउस) ने भी सहयोग किया
