रामानुजगंज 09 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। आस्था, भक्ति, सुख-शांति व सूर्योपासना का महापर्व छठ सोमवार को नहाय-खाय के साथ पर्व शुरू हुआ। वहीं मंगलवार को छठव्रतियों ने छठघाट पहुंचकर घाट बंधन की रस्म पूरा की गई। बड़ी संख्या मे व्रती घाटबंधन कर रात को मीठा भोजन कर इस पर्व की शुरुआत की। खरना में छठ व्रतियों ने दिन भर उपवास रखकर शाम को नहाकर सूर्यदेव की पूजा की। व्रतियों ने शाम को दूध, गुड़ की खीर खाई। खरना का प्रसाद लेने के लिए आस-पास के लोगों काफी उत्साह रहा प्रसाद ग्रहण कर अपने आप को धन्यवाद रहे हैं। प्रसाद के रूप में गन्ने के रस से बने गुड़ में बने हुए चावल की खीर के साथ दूध, घी चुपड़ी रोटी बनाई। छठ व्रतियों व लोगों ने खीर-रोटी का प्रसाद ग्रहण किया। इसमें नमक या चीनी का उपयोग नहीं किया जाता। इस दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके बाद 36 घंटों का निर्जल व्रत शुरू हुआ। बुधवार को व्रती ढलते सूर्य को अर्घ्य देंगे। वहीं गुरुवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन किया जाएगा।
सूर्योपासना का जिक्र रामायण एवं महाभारत में भी
सूर्योपासना का महत्व रामायण और महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ है। हिंदू पूजा पद्धति में उगते सूर्य की पूजा की जाती है। पर उत्तर भारत के इस छठ पर्व में डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। इसका विशेष महत्व है। ढलते सूर्य को अर्घ्य देने बडी संख्या में छठ घाट में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। नगर मे बाजार छठ घाट में माहौल छटी मईया के गीतों से गुंजायमान है।
पुलिस अधीक्षक ने किया छठ घाट का निरीक्षण
छत्तीसगढ़ प्रदेश एवं झारखंड प्रदेश के बीचोबीच बहने वाली उत्तरवाहिनी कन्हर नदी में होने वाले सूर्य उपासना के महापर्व छठ पर उमड़ने वाली जनसैलाब के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, एडिशनल एसपी सुनील कुमार नायक, नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल के साथ पूरे छठ घाट का निरीक्षण कर पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पूरे छठ घाट में 70 से अधिक पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है वहीं दो अस्थाई रूप से पुलिस सहायता केंद्र खोले जायेंगे।