11 सालों बाद मिला न्याय
बिलासपुर ,07 नवम्बर 2021 (ए)। नियम अनुसार अगर कोई डिपार्टमेंटल इंमयरी या क्रिमिनल प्रोसिडिंग याचिकाकर्ता के खिलाफ पेंडिंग नहीं थी। तो उसका प्रमोशन रोका नहीं जा सकता। इस आशय के निर्णय के साथ एसईसीएल के रिटायर्ड जीएम जीके शर्मा को उनके रिटायरमेंट के 11 वर्षों बाद हाईकोर्ट से न्याय मिल सका है। हाईकोर्ट ने एसईसीएल के फैसले को गलत ठहराते हुए आर्डर दिया है कि याचिकाकर्ता को जनरल मैनेजर सिविल के पद पर प्रमोशन देते हुए उनके बकाया का भुगतान किया जाए। याचिकाकर्ता जीके शर्मा एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में चीफ मैनेजर सिविल के पद पर पदस्थ थे।उन्होंने जनरल मैनेजर सिविल में प्रमोशन की हर प्रक्रिया पार की इसके बावजूद एसईसीएल ने उन्हें छोड़ जूनियर को जनरल मैनेजर के पद पर प्रमोशन दे दिया।इसके खिलाफ जीके शर्मा ने 2010 में हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी।इस याचिका पर 2021 में याचिकाकर्ता के एडवोकेट गैरी मुखोपाध्याय ने बहस की। मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस संजय के अग्रवाल की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।इसमें याचिकाकर्ता को रिटायरमेंट के बाद प्रमोशन मिला।
