बैकु΄ठपुर@राज्योत्सव में मुख्य अतिथि की भूमिका को लेकर अम्बिकापुर में चला सोशल मीडिया वार

Share

मनेंद्रगढ़ विधायक को सरगुजा में मुख्य अतिथि बनाये जाना सोशल मीडिया पर हुआ ट्रोल

सरगुजा के नेताओं को सरगुजा की ही धरा पर योग्य नहीं मानने पर किया गया है कटाक्ष

  • रवि सिंह-

बैकु΄ठपुर 01 नवम्बर 2021(घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न जिलों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान मुख्य अतिथि बनाये जाने के दौरान कई जिलों में यह देखने को मिला कि इस बार कार्यक्रमों में किसी बड़े मंत्री व दर्जा प्राप्त बड़े नेताओं की जगह विधायकों को मुख्य अतिथि बनाया गया है वहीं कई जिलों में अन्य जिलों के विधानसभाओं से चुने कांग्रेस विधायकों को मुख्य अतिथि बनाया गया है।
सरगुजा जिले में मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल को मुख्य अतिथि बनाया गया है और अब अम्बिकापुर सहित सरगुजा में इसबात को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है वहीं यह चर्चा आमजनों के बीच भी जारी है की महामाया माता की पावन नगरी में मुख्य अतिथि बनकर आ रहे मनेंद्रगढ़ विधायक का स्वागत कीजिए और पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि आंकलन कीजिए शहर सहित सरगुजा के नेतृत्वकर्ता अपना वजन और अपनी क्षमता का भी प्रभाव का भी क्योंकि सरगुजा से 3 विधायकों के कैबिनेट मंत्री होते हुए 5 कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं के होते हुए जो सरगुजा से चयनित व मनोनीत नेता भी हैं के बावजूद अन्य जिले से मुख्य अतिथि बनकर अन्य विधानसभा के विधायक का सरगुजा में स्वागत होगा सम्मान होगा वहीं सरगुजा के चयनित मनोनीत बड़े नेता मंत्री खुद की योग्यता भी परखें की आखिर उनमे किस बात की कमी थी जो उन्हें राज्योत्सव का आगाज करने का मौका नहीं मिला,इस सोशल मीडिया पोस्ट में मनेंद्रगढ़ विधायक के लिए सरगुजा आना आयातित विधायक या अतिथि स्वरूप खहते हुए लिखा गया है कि यह मनेंद्रगढ़ विधायक को केवल इसबात का तोहफा या पारितोषिक मिला है कि वह पिछले कई माह से छत्तीसगढ़ राज्य की कांग्रेस की राजनीति में जारी उठक पटक में शामिल रहे वहीं इसी कारण सरगुजा के नेताओं के मुंह पर थप्पड़ मारने का यह मौका उन्हें मिला है। वहीं पोस्ट में लिखा है कि आज सरगुजा के नेता मनेंद्रगढ़ विधायक के पीछे घूमघूम कर अपने आपको धन्य भी महसूस करने की कोशिश करें। यह पूरा सोशल मीडिया पोस्ट लिखा जिसने भी और भले ही उसने इस पोस्ट को आक्रोश में लिखा है क्योंकि राज्योत्सव जैसे अवसर पर हर क्षेत्रवासी की मंशा होती है कि किसी सार्वजनिक बड़े मंच पर उसके द्वारा चयनित या उसकी पसंद के नेताओं की उपस्थिति हो और वह भी मुख्य भूमिका में हो और इस आयोजन में ऐसा नहीं हो रहा है इसलिए वह आक्रोशित है, वहीं इस पोस्ट में बड़े कम शब्दों में ढाई ढाई साल वाले मामले को भी सामने रखकर पोस्ट किया गया है जो छतीसगढ़ की वर्तमान कांग्रेस सरकार में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जारी मामला है वहीं इसमें सरगुजा जिले कि भी भूमिका को लेकर एक मामला है। सरगुजा के अम्बिकापुर विधानसभा के विधायक सरकार में स्वास्थ्य व पंचायत मंत्री टी एस सिंहदेव के मुख्यमंत्री बनने को लेकर जारी चर्चाओं के बीच मनेंद्रगढ़ विधायक को अम्बिकापुर के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाये जाने को लेकर यह भी समझाने का प्रयास किया गया है कि टी एस सिंहदेव का कद छोटा दिखाने की कवायद में ऐसा किया गया है और यह गलत है इस पोस्ट का संदेश है। वैसे पोस्ट की समीक्षा की जाए तो यह सही भी है कि किसी राज्योत्सव जैसे कार्यक्रम में अन्य जिले के विधायक को मुख्य अतिथि की भूमिका उस जिले में देना जहां बड़े नेताओं की कमी ही न हो कई पंक्ति हो यह कहीं से दूरदर्शी राजनीति नहीं कि जा सकती किसी का प्रभाव कम करने वाली राजनीति कही जा सकती है।


Share

Check Also

सुकमा@ 4 नक्सलियों ने डाले हथियार

Share सुकमा,04 अप्रैल 2025 (ए)। सुकमा पुलिस को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे …

Leave a Reply