नई दिल्ली @ कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज में देरी क्यों?

Share


केंद्र सरकार ने राज्यों को खत लिखकर पूछा सवाल
नई दिल्ली ,23 अक्टूबर 2021 ( ए )।
देश में एक अरब कोरोना से ज्यादा कोरोना टीकों पर मन रहे जश्न के बीच केंद्र सरकार ने उन राज्यों को खत लिखकर जवाब मांगा है, जो वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने में पिछड़ रहे हैं।
केंद्र ने राज्यों से पत्र लिखकर कहा है कि वे कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज को देने में कोई देरी न करें। देश में अब तक 9 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्हें कोरोना की पहली वैकसीन तो लगी है, लेकिन दूसरी डोज के लिए इंतजार कर रहे हैं। केंद्र ने जिन राज्यों को खत लिखा है, उनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और ओडिशा शामिल हैं। इन राज्यों में ऐसे कुल 9 करोड़ लोगों की 27 फीसदी संख्या मौजूद है। हेल्थ मिनिस्ट्री के सचिव राजेश भूषण की ओर से राज्यों को लिखे खत की कॉपी हिन्दुस्तान टाइम्स के मौजूद हैं। कोविशील्ड वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के बीच 12 सप्ताह का गैप रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा स्वदेशी कोवैक्सीन की दोनों डोज के बीच 4 सप्ताह का अंतराल रखा गया है। देश में अब तक जितने कोरोना टीके लगे हैं, उनमें 90 फीसदी संख्या पहली डोज की ही है। कोरोना से बचाव के लिए दोनों टीके लगे होना जरूरी है। ऐसे में बड़ी संख्या में सिर्फ एक ही टीका लगने के चलते चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन का खतरा बढ़ गया है। खासतौर पर कोरोना के म्यूटेंट वैरिएंट्स से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है।
देश में जिन 9 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन का दूसरा टीका नहीं लगा है, उनमें से 1.56 करोड़ लोग अकेले उत्तर प्रदेश में ही मौजूद हैं। राजेश भूषण की ओर से यूपी के अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव को लिखे खत में कहा गया है, कि कोविन पोर्टल पर 20 अक्टूबर तक के डेटा के मुताबिक राज्य में 12 करोड़ 48 लाख लोगों को टीका लगा है। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें दूसरा टीका नहीं लगा है। आपके पास कोविशील्ड की 87,57,640 और कोवैक्सीन की 28,10,780 डोज मौजूद हैं। इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी अभी तक 30 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना की दूसरी वैक्सीन नहीं लगी है। राजस्थान में भी यह आंकड़ा 30 लाख के करीब है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन निर्माताओं से की बात,
सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला भी बैठक में रहे मौजूद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के प्रमुख वैक्सीन निर्माताओं से बात की। इस दौरान कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला भी मौजूद रहे। इनके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार भी बैठक में मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान पीएम मोदी ने वैक्सीन अनुसंधान को आगे बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। सात वैक्सीन निर्माताओं ने इस बैठक में हिस्सा लिया। इसमें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, जायडस कैडिला, बायोलॉजिकल ई, जेनोवा बायोफार्मा और पैनासिया बायोटेक के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक कोरोना वैक्सीन की 101.30 करोड़ से ज्यादा खुराक लगाई जा चुकी हैं। 21 अक्टूबर को भारत ने कोरोना के खिलाफ अपने टीकाकरण कार्यक्रम में एक बड़ा कीर्तिमान हासिल किया था। भारत ने इस दिन वैक्सीन डोज के 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर इतिहास रचा था।


Share

Check Also

बोकारो,@ बोकारो स्टील प्लांट में विस्थापितों पर लाठी चार्ज में युवक की मौत के खिलाफ बोकारो बंद

Share बोकारो,04अप्रैल 2025 (ए)। बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी की मांग को लेकर आंदोलित विस्थापितों …

Leave a Reply