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Thursday 06 May 2021 04:05 AM

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रायपुर,@ मानवता के नाम पर कलंक...



रायपुर,@ मानवता के नाम  पर कलंक... 04-05-21 12:23:05

चंद रुपयों के लालच में लोगों की जिंदगी से कर रहा था खिलवाड़
आरटीपीसीआर रिपोर्ट को पीडीएफ में एडिट कर तैयार करता फर्जी कोरोना रिपोर्ट

-अशोक ठाकुर-
रायपुर,03  मई 2021  (घटती-घटना)।
वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल के दूसरे चरण पर आम जन जीवन बिखरता जा रहा है। वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं। जो अपने मतलब परस्ती के लिए किसी भी हद तक नीचे गिर रहे हैं। इसका ताजा तरीन उदाहरण राजधानी रायपुर में देखने को मिला राजधानी के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र पुलिस ने फर्जी करोनो रिपोर्ट  देने वाले एक आरोपी को को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल किए हैं। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी रेशम मंगेशकर पिता लुकाउराम मंगेशकर  29 वर्ष जो कि मुंगेली जिला के अंतर्गत आने वाले  ग्राम खपरी खुर्द थाना मुंगेली का निवासी था। जो कि हाल ही हाल में मोवा, दलदल सिवनी के  दूबे कालोनी में रहता था। आरोपी द्वारा कोरोना की फर्जी रिपोर्ट देकर  कई लोगों को हजारों रूपए का चूना लगाया है। पुलिस के अनुसार यह व्यक्ति राजधानी के उर्मिला हास्पिटल के आनंदी डायग्रोसिस लैब में टेक्रेशियन के पद पर कार्यरत था। आरोपी रेशम मंगेशकर को कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जाने का कार्य सौंपा गया था। जिसे वह करोना सैंपल एकत्रित कर मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के गोढ़ी में रिम्स हास्पिटल में ले जाकर छोड़ता था। रिम्स हास्पिटल में परीक्षण के बाद अस्पताल द्वारा  रिपोर्ट बनाकर सीधे आरोपी के मोबाइल पर पीडीएफ बनाकर डाल देते थे। वहीं सेंपल देने वालों के द्वारा जल्द ही रिपोर्ट पाने की उत्सुकता का नजायज फायदा उठाते हुए आरोपी द्वारा  तथाकथित मरीजों के परिजनों से 1 हजार रूपए से 12 सौ रूपए लेकर किसी अन्य मरीज के आरटीपीसीआर रिपोर्ट को पीडीएफ में एडिट कर किसी अन्य मरीज का नाम पता लिखकर वही रिपोर्ट को  मरीजों के परिजनों के वाटसएप के माध्यम से भेज दिया करता था। मरजों के परिजनों को इस बात की भनक लगने पर मामले की सत्यता परख जानने के लिए आइसीएम आर पोर्टल में अपलोड कराने के लिए रिम्स अस्प ताल पहुचें। तब कहीं जाकर मामले का खुलासा हुआ। रिम्स हास्पिटल के आरटीपीसीआर लैब के नोडल अधिकारी डॉ विवेक कुमार द्वारा मामले की जांच की गई। तो पता चला जिन मरीजों के नाम के सैंपल का जिक्र व फर्जी पीडीएफ बनाकर दिया गया है। उनका सैंपल परीक्षण रिम्स हास्पिटल में हुआ ही नहीं है। आरोपी रेशम मंगेशकर ने कूट रचना कर आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाकर ठगी करने का मामला उजागर हुआ। वहीं डॉ विवेक कुमार के  रिपोर्ट पर मंदिर हसौद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 420, 467, 468, 469, 471, 419, 270 के तहत कार्रवाही किया जा रहा है।
हमारे संवाददाता ने मामले के संदर्भ में मन्दिर हसौद पुलिस से बात किया तो थाना प्रभारी अश्विनी राठौर ने बताया कि
आरोपी से पूछताछ किया जा रहा है---
आरोपी रेशम मंगेशकर द्वारा  पैसों के लालच में पीडि़तों को फजऱ्ी तरीके से झूठी कोरोना रिपोर्ट पीडीएफ में कूटरचना कर बनाये जाने की शिकायत रिम्स हॉस्पिटल में पदस्थ डॉ विवेक द्वारा दर्ज कराई गई।पुलिस ने मामला कायम कर तफ़्तीश में सही पाया गया जिसके आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध कारवाई की गई।
      अश्विनी राठौर
थाना प्रभारी मंदिर हसौद रायपुर (छ ग)

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