facebook google youtube Twiter
ghatati ghatana
About Us India World Chhattisgarh Sports Epaper Contact

facebook google+ YouTube twiter
Thursday 09 April 2020 01:04 AM

Breaking News


नई दिल्ली,@ गैंगरेप आरोपियों के फांसी की नई तारीख जारी



नई दिल्ली,@ गैंगरेप आरोपियों के फांसी की नई तारीख जारी 18-02-20 12:01:02

लेकिन गुनहगारों के पास अब भी बचे हैं दो विकल्प
निर्भया गैंगरेप केस के चारों दोषियों की फांसी की नई तारीख आ चुकी है, लेकिन कानूनी पेच ऐसे हैं जिससे इस बार भी सजा पर अमल की संभावना कम ही दिखती है. पहले भी इस संबंध में 2 बार डेथ वॉरंट जारी किया जा चुका है.
3 मार्च को निर्भया के दोषियों को दी जाएगी फांसी
4 में से 3 दोषियों की खारिज हो चुकी दया याचिका

नई दिल्ली,17 फ रवरी 2020(ए)। निर्भया गैंगरेप केस के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने को लेकर कोर्ट की ओर से तीसरा और नया डेथ वॉरंट जारी कर दिया गया है. पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को घंटेभर चली सुनवाई के बाद निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए 3 मार्च की नई तारीख मुकर्रर कर दी, हालांकि अभी भी 2 पेच ऐसे हैं जिनसे फांसी की यह सजा फिर से टल सकती है.
पटियाला हाउस कोर्ट की ओर से जारी नए डेथ वॉरंट के अनुसार 3 मार्च की सुबह 6 बजे निर्भया के सभी गुनहगारों को फांसी दी जाएगी. हालांकि आज सोमवार को शुरू हुई सुनवाई के दौरान सरकारी वकील की ओर से दलील दी गई कि 3 दोषियों (अक्षय, विनय और मुकेश) की दया याचिका खारिज हो चुकी है. एक दोषी पवन की ओर से इस मामले में दया याचिका और क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल होनी बाकी है.
सरकारी वकील ने कोर्ट में आगे कहा कि हाई कोर्ट की तरफ से दी गई एक सप्ताह की मियाद भी 11 फरवरी को समाप्त हो चुकी है. उन्होंने दलील दी कि इस समय फिलहाल किसी भी दोषी की कोई भी याचिका किसी भी कोर्ट में लंबित नहीं है, इसलिए नया डेथ वॉरंट जारी किया जा सकता है.
इन 2 वजहों से टल सकती है फांसी?
तीसरी बार डेथ वॉरंट जारी किए जाने के बाद भी कानूनी तौर पर 2 ऐसे पेच हैं, जिससे दोषियों की फांसी की सजा टल सकती है. दोषी अक्षय, विनय और मुकेश की दया याचिका खारिज हो चुकी है, जबकि पवन के पास अभी क्यूरेटिव याचिका और राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा हुआ है.
पवन अगर फांसी की तारीख से काफी पहले क्यूरेटिव याचिका लगाता है तो उसकी याचिका उसी दिन खारिज हो सकती है या फिर कोर्ट में सुनवाई के लिए पर्याप्त समय रहेगा, लेकिन अगर उसकी ओर से फांसी की तारीख से ठीक पहले यानी 29 फरवरी के बाद क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल की जाती है तो सुनवाई में समय लगने के कारण 3 मार्च की सुबह फांसी टल सकती है.
इसके अलावा पवन के पास एक विकल्प यह भी है कि वह राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगाए. राष्ट्रपति की ओर से इस संबंध में फैसला लिए जाने में देरी होने पर भी फांसी की सजा टल सकती है.
हम अक्षय की दया याचिका लगाना चाहतेः वकील
इस बीच दोषियों के वकील एपी सिंह ने कोर्ट को बताया कि हम अक्षय की दया याचिका लगाना चाहते हैं. एपी सिंह ने कहा कि कुछ दस्तावेज लगाए जाने बाकी रह गए थे. अक्षय के माता-पिता ने दया याचिका आधी-अधूरी लगाई थी. अगर कोर्ट हमें परमिशन दे, तो हम आज अक्षय का हस्ताक्षर कराकर राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगा देंगे. दूसरी ओर, पवन के वकील रवि काजी ने भी कोर्ट को बताया कि वह भी क्यूरेटिव और दया याचिका लगाना चाहता है.

 

Share .. . facebook google+ twiter