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Wednesday 19 June 2019 06:06 AM

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रायपुर@ 4 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला



रायपुर@ 4 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला 10-01-19 11:18:01

रायपुर,10 जनवरी 2019 ।  भाजपा शासनकाल के दौरान दौरान 4 हजार 601 करोड़ के टेंडर में घोटाले का मामला उजागर हुआ है। दरअसल आज पेश की गई कैग की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है कि 17 विभागों में जारी किए टेंडर में 74 ऐसे कंप्यूटर का इस्तेमाल किया गया है जिसमें निविदा भी अपलोड हुआ है और टेंडर भरने की प्रक्रिया भी हुई है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निविदा जारी करने के बाद उन्हीं कंप्यूटरों का इस्तेमाल टेंडर भरने के लिया कर दिया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 लाख से 20 लाख के 108 करोड़ के टेंडर पीडब्ल्यूडी और डब्ल्यूआरडी प्रणाली द्वारा जारी न कर मैन्युअल जारी किया गया।  रिपोर्ट के मुताबिक जिन 74 कंप्यूटरों से टेंडर निकाले गए उसी कंप्यूटरों से टेंडर वापस भरे भी गए। ऐसा 1921 टेंडर में हुआ था मलतलब कि 4601 करोड़ के टेंडर अधिकारियों के कंप्यूटर से ही भरे गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉमन कंम्प्यूटर के जरिए गतल तरह की बिडिंग की गई है जिस पर कार्रवाई भी की गई है। खास बात की ये कि भरी गई सभी निविदाएं एक ही कम्प्यूटर से भरने के साथ ही 79 वेंडर्स द्वारा दो-दो पेनकार्ड का उपयोग किया गया। जिसे वेरिफाई नही किया गया। ज़्यादातर वेंडर्स के कॉमन ई-मेल आईडी से निविदा भारी गई। जिसमें पारदर्शिता का उलंघन किया गया।
गुरुवार को प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल विजय कुमार मोहन्ती ने प्रेस काफ्रेंस के जरिए रिपोर्ट को मीडिया के सामने रखा। इसमें सिविल रिपोर्टस् 31 मार्च 2017 तक सरकार द्वारा किये गए ट्रांजेक्शन कि रिपोर्ट, 20 शासकीय ऑफिसर्स के खिलाफ एफ़आइआर,  बच्चों के स्कॉलरशिप को सरकारी स्कूल के 6 प्रिंसिपल ओर प्रायवेट के 13 प्रिंसिपल के खिलाफ 1 करोड़ 40 लाख के गबन का मामला, रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में 1 करोड़ से ज़्यादा की अतिरिक्त राशि वसूली सहित कई मामले उजागर हुए हैं।
रिपोर्ट में राज्य में 90 फीसदी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमीं की भी बात कही गई है। अस्पतालों में 40 से 76 फीसदी दवाएं कम है।  36 से 71 फीसदी प्रयोगशालाओं की कमी है, जिससे लोगो को सुविधाएं नही मिल रही है। 186 हॉस्पिटल्स 5 साल से अधूरे हैं और इनमें 14 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। सबसे बड़ी परेशानी दवाइयों की कमी है। सही समय पर दवाइयों की खरीदी और वितरण नही होने के कारण परेशानी आ रही है।

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