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Tuesday 13 Nov 2018 06:11 AM

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रायपुर@ बसपा के मतों से तय होंगे भाजपा-कांग्रेस के जय-पराजय



रायपुर@ बसपा के मतों से तय होंगे भाजपा-कांग्रेस के जय-पराजय 09-11-18 11:57:11

रायपुर, 09 नवंबर 2018 ( ए )। छत्तीसगढ़ विधानसभा 2018 के अंतर्गत अहिवारा विधानसभा में वर्तमान विधायक सांवलाराम डाहरे की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। उनके विरोध में कांग्रेस पार्टी ने सतनामी समाज के धर्मगुरु रुद्र कुमार को उतारा है। इससे वहां चुनावी हलचल में रोमांच आ गया है। दूसरी ओर बसपा और जकांछ (जोगी) के गठबंधन से बसपा प्रत्याशी डॉ.शोभाराम बंजारे का मतदान जीत-हार का कारण बन सकता है। कुल 241 बूथों वाले अहिवारा विधानसभा में अनुसूचित जाति के मतदाता 35 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के  50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 10 प्रतिशत मतदाता हैं। पिछले चुनाव में भाजपा के सांवलाराम डाहरे ने कांग्रेस के अशोक डोंगरे को 31 हजार 676 मतों पराजित विधायकी हासिल की थी। इस बार कांग्रेस ने डोंगरे के स्थान पर रुद्रगुरु पर विश्वास जताया है। रुद्रगुरु को कांग्रेस के शब्दों में पैराशूट प्रत्याशी माना जा रहा है। इसके चलते कांग्रेस का एक वर्ग विद्रोही हो गया है। जिसका नुकसान कांग्रेस प्रत्याशी को होगा लेकिन रुद्रगुरु ने सांवलाराम डाहरे के राजमहन्त पद को अवैध करार दिया है। इससे डाहरे के समाज में नकारात्मक छवि निर्मित हो गई है। वहीं मतदाताओं में उनके व्यवहार को लेकर आक्रोश है। यह आक्रोश उन्हें चुनाव में भारी पड़ सकता है। अनुसूचित जाति बहुल अहिवारा क्षेत्र में दूसरे क्रम पर कुर्मी, तेली, ढीमर, यादव एवं मरार जाति के लोग हैं। जो  मतदान में सक्रिय रहते हैं। भाजपा सरकार द्वारा क्षेत्र में कराए गए प्रमुख कार्यों में सबसे बड़ा एवं महत्वपूर्ण कार्य आई.आई.टी.की स्थापना करना है। सरकार के कामकाज को लेकर जनता में विश्वास कमजोर हुआ है। सरकार की राशन प्रणाली को लेकर गरीब परिवारों की सोच सकारात्मक है। वहीं भाजपा प्रत्याशी सांवलाराम डाहरे के बारे में जनता की राय संतोषप्रद नहीं है। इसी तरह कांग्रेस प्रत्याशी रुद्रगुरु की भी स्थिति पूर्णतः सामान्य नहीं है, उन्हें केवल सतनामी समुदाय और कांग्रेस के समर्पित वोटों का ही आसरा है। बसपा के डॉ.शोभाराम बंजारे की उपस्थिति से राजनीतिक परिदृश्य बिगड़ गया है। बसपा कम से कम चार हजार वोटों को अपने पक्ष में कर सकती है। इससे भाजपा और कांग्रेस दोनों को नुकसान है। जिसका जितना कम नुकसान होगा, वहीं जीत हासिल कर सकता है। भाजपा के डोमनलाल कोर्सेवाड़ा पार्वती ढीढ़ी महापौर चन्द्रकांता मांडले, जिला पंचायत सदस्य अमिता बंजारे अपनी टीम के साथ भाजपा  प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में पूर्व  जिलाध्यक्ष हेमन्त बंजारे, ओनी महिलांग, निर्मल कोसरे, राजन खुटेल आदि अपनी टीम के साथ चुनाव प्रचार कर रहे है। वर्तमान भाजपा विधायक का जनता से जुड़ाव संतोषप्रद है। किन्तु कुछ जमीनी कार्यकर्ता नाखुश हैं। गौशाला में गायों की हत्या का मामला भी चुनाव में असर दिखा रहा है। इस बार चुनाव में गौशाला काण्ड, समोदा नाला का प्रदूषित जल, स्थाला शिक्षित बेरोजगारों को उद्योगों मै रोजगार दिलाने का मुद्दा उठ सकता है। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव को प्रभावित करने वाले बड़े गांव जामुल, अहिवारा, चरोदा, कुम्हारी, ननकट्ठी, जेवरा सिरसा आदि प्रमुख हैं। जहां के मतदाता जागरुक माने जाते हैं। और उनके वोट विजयश्री हासिल करने अथवा पराजित करने में निर्णायक होते हैं। बहरहाल, तीनों राजनीतिक दलों बसपा, कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी क्रमशः डॉ. शोभाराम बंजारे, रुद्रगुरु और सांवलाराम डाहरे अपने समर्थकों के साथ विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि सांवलाराम डाहरे भाजपा शासन की ओर से किए कार्यों व अपनी व्यक्तिगत कार्यों के बूते जनता को कितना प्रभावित करते हैं। या फिर कांग्रेस के रुद्रगुरु पैराशूट प्रत्याशी के नाम को कितना खारिज कर चुनावी समर में विजय की ओर बढ़ते हैं। बसपा के डॉ.शोभाराम बंजारे द्वारा अर्जित वोट से ही कांग्रेस-भाजपा के जय-पराजय तय होंगे।


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